राष्ट्रीय आय एवं योग्यता छात्रवृत्ति(National Means Cum-Merit Scholarship (NMMS)  में कक्षा 7 उत्तीर्ण करें आवेदन

NTSE

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा 2020-2021 ( कक्षा – 8 में अध्ययनरत अभ्यर्थियों के लिए)

  1. इस परीक्षा में वे ही छात्र छात्राएं सम्मलित हो सकते हैं जिन्होंने सत्र 2019 – 20 मैं कक्षा 7 की परीक्षा न्यूनतम 55 प्रतिशत (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की हो तथा
  2. वर्तमान सत्र में राजकीय ,स्थानीय निकाय अथवा अशासकीय सहायता प्राप्त (केंद्रीय, नवोदय, आवासीय सैनिक स्कूल को छोड़कर) विद्यालयों में कक्षा आठ में पढ़ रहे हो|
  3. माता-पिता/अभिभावक की सकल वार्षिक आय रु 1,50 000/- (डेढ़ लाख) से अधिक न हो |
  4. परीक्षा का आयोजन प्रत्येक जनपद के पूर्व निर्धारित केंद्रों पर होगा।
  5. परीक्षा तिथि 13 दिसंबर 2020.
  6. आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2020

आनलाइन आवेदन प्रांरभ तिथि – 26 अक्टूबर 2020

ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम तिथि- 10 नंबर 2020

परीक्षा शुल्क -निःशुल्क

Official website- http://entdata.in/

परीक्षा की तिथि एवं समय 13 दिसंबर 2020 – प्रात: 8:00 से 11:00 तक।

आरक्षण सम्बन्धी लाभ हेतु

सक्षम अधिकारी दवारा प्रदत्त प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति स्कैन करके अपलोड करे |

आरक्षण प्रमाण पत्र अपलोड न हो पाने की दशा में उन्हें सामान्य अभ्यर्थी के सामान माना जायेगा |

जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व प्रार्थी का होगा।

Deled online classes

 

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छात्रवृत्ति एक सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और स्थानीय निकाय में नौवीं कक्षा में नियमित छात्रों के रूप में पढ़ने वाले छात्रों को वार्षिक आधार पर प्रदान की जाएगी

जिन स्कूलों को कक्षा X, XI और XII के लिए नवीनीकृत किया जाएगा। 

इस प्रकार छात्रवृत्ति अधिकतम चार साल की अवधि के लिए होगा। 

छात्रवृत्ति की राशि 

12000 / – प्रति वर्ष @ रु। 

1000 प्रति माह

NISHTHA MODULE 3: विद्यालय में स्वास्थ्य और कल्याण,प्रश्नोत्तर सहित

विद्यालय में स्वास्थ्य और कल्याण

इस मॉड्यूल में हम विभिन्न तौर-तरीकों का पालन करके विद्यालयों में स्वास्थ्य और कल्याण की अवधारणा तथा इसके महत्व के बारे में चर्चा करेंगे।

मॉड्यूल शारीरिक विकास, तत्संबंधी मिथकों, शारीरिक योग्यता और इसके घटकों को सामने रखेगा। शारीरिक योग्यता के विकास में मदद करने वाली गतिविधियों के प्रकार भी इस मॉड्यूल में शामिल किए जाएँगे।

निष्ठा राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुख्य अंश,इस तरह पूर्ण करें, शिक्षक प्रशिक्षण को फॉरवर्ड करने से बचें, नहीं तो कार्यवाही निश्चित

योग न केवल शारीरिक बल्कि भावनात्मक और क्रियात्मक विकास के लिए और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है, इसे भी माड्यूल में शामिल किया गया है।

कोर्स-3 UP_विद्यालय में स्वास्थ्य और कल्याण (उत्तर प्रदेश)


on DIKSHA at https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_3131313944558796801388?referrer=utm_source%3Ddiksha

स्वस्थ भोजन की आदतें और स्वच्छता जैसे, महत्वपूर्ण कारकों को बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले भी मॉड्यूल में शामिल किया गया है।

भावनात्मक कल्याण, आत्म जागरूकता. सामाजिक जागरूकता, हिंसा और चुर्बयवहार और शारीरिक तथा मानसिक आधात से संबंधित गतिविधियाँ भी मॉड्यूल का हिम्सा हैं। पूरे मॉड्यूल को जेंडर भेदभाव से मुक्त और समावेशी बनाने का ध्यान रखा गया है।

Read along सर्वे फार्म:सभी परिषदीय शिक्षामित्रों, अनुदेशक,शिक्षकों, के लिए अनिवार्य

माड्यूल 3 से आप सीखेंगे

इस सत्र के अंत में आप सक्षम होंगे

• स्वास्थ्य और कल्याण की अवधारणा को समझने में,

●विद्यालय में बच्चों के लिए स्वस्थ वातावरण के महत्व को समझने में;

• बच्चों के बीच स्वस्थ मनोभाव और व्यवहार को विकसित करने के लिए अपनायी जाने वाली शैक्षणिक प्रक्रियाओं के बारे में समझने में,

Nishtha Training:निष्ठा प्रशिक्षण शुरू,सभी शिक्षकों के लिए अनिवार्य

• उन्नत सीखने के प्रतिफल हासिल करने के लिए स्वास्थ्य और कल्याण से संबंधित औवन-कौशल विकसित करने में

शिक्षणशास्त्र और संसाधन

• केस अध्ययन अनुभव भूमिका निर्वहन की स्थिति के साथ-साथ प्रश्न, चार्ट, चित्रों,वीडियो, खेल आदि।

• समह कार्य, चर्चा, प्रदर्शन, बातचीत खेल, स्व-चिंतन-मनन, स्व-शिक्षण गतिविधियाँ,

जैसे प्रश्न-बॉक्स, भूमिका निर्वहन, केस अध्ययन और शिक्षार्थियों को सटीक तथा पर्याप्त जानकारी प्रदान करने एवं उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता से संबंधित जीवन-कौशल को लागू करने की क्षमता।

प्रश्नोत्तरी

प्रश्नों के क्रम बदल सकते है,उत्तर के क्रम में भी बदलाव हो सकता है।

 

इंटरनेट, गैजेट्स और मीडिया के सुरक्षित उपयोग में क्या- क्या

शामिल है?

साइबर बदमाशी / बुलिंग

अजनबियों के साथ व्यक्तिगत विवरण साझा करना

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत विवरण साझा नहीं करना

सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत स्थिति को नियमित रूप से अपडेट करना


 शारीरिक शिक्षा में किन का समेकन किया जा सकता है

केवल विज्ञान और सामाजिक विज्ञान

केवल भाषा और विज्ञान

अतिरिक्त पाठयक्रम गतिविधियां

सभी

 स्कूल सुरक्षा और स्वच्छता में क्या नहीं आता है ?

पीने का पानी और भूकंप

अपर्याप्त स्वच्छता सुविधाएँ और सड़क सुरक्षा सांपों और किसी भी अन्य कीटों द्वारा परिसर पर आक्रमण,

टूटी हुई या कोई बाउंडरी नहीं होना

इनमे से कोई भी नहीं


 संतुलित आहार से क्या तात्पर्य है?

उचित अनुपात में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, विटामिन का समावेश

वसा और कार्बोहाइड्रेट का समावेश

विटामिन और खनिज

वसा और कार्बोहाइड्रेट

 

 किस आसन में बाहें ऊपर की और खींची होती है?

हस्तोत्तानासन

शलभासन

धनुरासन

मकरासन

सभी भावनाएँ

व्यक्त की जानी चाहिए

दबा दी जानी चाहिए

अच्छे भाव छुपाने एवं बुरे भाव व्यक्त करने चाहिए

भाव छुपाने एवं अच्छे भाव व्यक्त करने चाहिए

Deled online classes


निम्नलिखित में से कौन -सा कथन सत्य है ?

हमारे शरीर में परिवर्तन प्राकृतिक, सामान्य और स्वस्थ होते

बच्चों के बीच सभी परिवर्तन एक ही समय में होते हैं

शारीरिक परिवर्तन हमेशा मानसिक-सामाजिक परिवर्तनों से पहले होते हैं

बच्चे कभी तनाव महसूस नहीं करते

मुख्यतः घरेलु हिंसा कहाँ होती है?

गरीब परिवार में

कुलीन परिवार में

ऊपर के दोनों

इनमें से कोई भी नहीं


 इस आसन को पहचानें

Module 3

भुजंगासन

शलभासन

धनुरासन

मकरासन

 

 शारीरिक स्वास्थ्य में क्या नहीं आता है ?

व्यायाम

योग

टीवी पर व्यायाम देखना

घरेलू शारीरिक गतिविधियाँ

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सरकारी कर्मचारियों के लिए एक और खुशखबरी! अब सैलरी बढ़ाने की तैयारी में सरकार

आप केंद्रीय कर्मचारी (Central Govt. Employees) हैं तो मौजूदा महामारी के बावजूद भी निकट भविष्य में सैलरी बढ़ोतरी की उम्मीद कर सकते हैं. दरअसल, केंद्र सरकार चाहती है कि अर्थव्यवस्था की हालत दुरुस्त की जाए. इसके लिए खपत बढ़ाना बेहद जरूरी है.

अब केंद्र सरकार चाहती है कि केंद्रीय कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा दिए जाएं, ताकि वो बाजार में ज्यादा खर्च कर सकें और खपत बढ़े.

श्रम मंत्रालय (Ministry of Labour & Employment) ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowances) के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स को साल 2001 से बदलकर 2016 कर दिया है.

श्रम मंत्रालय द्वारा इस बदलाव का मतलब है कि कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता कैलकुलेट करने के लिए मौजूदा खपत पैटर्न (Cousumption Pattern) और महंगाई दर को ध्यान में रखा जाएगा. पहले चिंता जताई जा रही थी कि पहले के इंडेक्स में समय के साथ बदलाव करने की जरूरत है.

क्या होता है उपभोक्ता मूल्य सूचकांक?

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (अंग्रेज़ी: consumer price index या CPI) घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा खरीदे गये सामानों एवं सेवाओं (goods and services) के औसत मूल्य को मापने वाला एक सूचकांक है।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की गणना वस्तुओं एवं सेवाओं के एक मानक समूह के औसत मूल्य की गणना करके की जाती है। वस्तुओं एवं सेवाओं का यह मानक समूह एक औसत शहरी उपभोक्ता द्वारा खरीदे जाने वाली वस्तुओ का समूह होता है


यह भी पढ़ें: आयोग ने आरक्षित वर्ग की चयन प्रक्रिया में किया बदलाव

नहीं बढ़ेगा महंगाई भत्ता

बीते कुछ समय में देखें तो हेल्थेकयर और ईंधन से लेकर घर-गृहस्थी तक के खर्च में इजाफा हुआ है. नये बेस इंडेक्स में इन बातों को ध्यान रखा जाएगा, ताकि केंद्रीय कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सके. लेकिन, सरकार महंगाई भत्ते में तुरंत कोई बढ़ोतरी नहीं करने वाली है.

फिलहाल 17 फीसदी ही है महंगाई भत्ता


इसी साल मार्च में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा किया था. अप्रैल में कोरोना वायरस महामारी का हवाला देते हुए इसे जून 2021 तक के लिए टाल दिया गया था.

केंद्रीय कर्मचारियों को अभी भी 17 फीसदी की दर से ब्याज महंगाई भत्ता मिल रहा है. श्रम मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि फिलहाल महंगाई भत्ते में कोई बदलाव नहीं होगा.

यह भी पढ़ें:सरकारी स्कूलों मे साफ सफाई की जिम्मेदारी सफाई कर्मियों की

बढ़ सकती है केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी


नये प्राइस इंडेक्स का प्रभाव अगले साल के मध्य से देखने को मिल सकता है. सीधे तौर पर इसका लाभ 45 लाख कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलेगा. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भले ही महंगाई भत्ते में कोई इजाफा न हो, लेकिन प्राइस इंडेक्स में मामूली बदलाव से भी उनकी सैलरी बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है.

Nishtha(निष्ठा)माड्यूल प्रशिक्षण 2 लिंक,PDF,प्रश्नोत्तरी हल

NISHTHA कोर्स-2 UP_स्वस्थ विद्यालयी परिवेश निर्मित करने के लिए व्यक्‍त‍िगत-सामाजिक योग्यता विकसित करना (उत्तर प्रदेश)

on DIKSHA at https://diksha.gov.in/explore-course/course/do_3131313859664363521329?referrer=utm_source%3Ddiksha

आप इस लिंक के माध्यम से DIRECT प्रशिक्षण माड्यूल पर पहुंच जायेंगे ।

nishtha

इस मॉड्यूल(Nishtha) को पढ़ने के बाद, आप निम्नलिखित को करने में सक्षम होंगे

* व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों के बारे में समझ विकसित करने में;

* स्वयं के व्यक्तिगत-सामाजिक गुणों पर विचार करने के साथ शिक्षार्थियों में उन्हीं गुणों का विकास करने में;

* कक्षा में मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए आवश्यक गुणों और कौशलों का विकास करने में;

विद्यालयों/कक्षाओं में एक ऐसा परिवेश निर्मित करने में, जहाँ सभी विद्यार्थी स्वीकार्य महसूस करें, उनमें आत्मविश्वास जगे,

वे यह महसूस करें कि उनका ध्यान रखा जा रहा है और वे एक-दूसरे की भलाई के लिए तत्पर हों।

विद्यालय के वे अवसर जहाँ व्यक्तिगत- सामाजिक योग्यता का पोषण किया जा सकता है।

  1. पाठ्यक्रम

      2.विद्यालय की विभिन्न गतिविधियाँ

      3.पूर्व व्यावसायिक शिक्षा

Nishtha module 2 गतिविधि first के answers

1.स्वयं और दूसरों के विचारों और भावनाओं के प्रति सत्य और

ईमानदार होने की क्षमता

नहीं

हाँ ✔️

भरोसेमंद होना काफी हद तक इस पर आधारित है

1.विद्यार्थियों को उनके निर्देशों के अनुसार बनाने की क्षमता है

नहीं ✔️

हाँ

2.विद्यार्थियों के व्यवहार के बारे में मत और विचार

नहीं✔️

हाँ

Nishtha module 2 प्रश्नोत्तरी

Please attention :प्रश्नोत्तर के क्रम अदल बदल सकते हैं,उत्तरों के क्रम भी बदल सकते है।सवाल हल करते समय ध्यान दें।

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विधानसभा सभा अध्यक्ष ने बेसिक शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र,अनुदेशकों का वेतन 17000रु हो

उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बढ़ा हुआ मानदेय देने का निर्देश दिया है।

विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित जी ने अनुदेशकों के मानदेय में की गई कटौती को उनका उत्पीड़न मानते हुए अनुदेशकों को नौ फीसदी ब्याज का भुगतान करने का निर्देश भी दिया है।

साथ ही अनुराग व अन्य के मामले में लखनऊ बेंच के आदेश को भी इस मामले में लागू करने को कहा है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपये कर दिया है।

बाद में न्याय विभाग की आपत्ति पर इसे घटा दिया गया और उन्हें 8440 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया गया। अनुराग के मामले में लखनऊ बेंच ने प्रदेश शासन के मुख्य सचिव व सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक को अनुदेशकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने का निर्देश दिया।

दूसरी तरफ सरकार ने अनुदेशकों का मानदेय घटाकर 9800 रुपये प्रतिमाह कर दिया। अनुदेशकों का कहना है कि इसके बाद भी उन्हें 9800 की जगह 8470 रुपये मानदेय ही दिया जा रहा है। कोर्ट ने भी इसे उत्पीड़न मानते हुए काटी गई रकम का नौ प्रतिशत ब्याज देने का निर्देश दिया है।