BSA नहीं रोक सकते अध्यापकों का वेतन, हाईकोर्ट ने कहा कानून में नहीं है अधिकार

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BSA Can not stop the salary of the teachers

जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है। बीएसए(BSA)आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है।

उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं कीगई। कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है।


  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी किसी भी अध्यापक का वेतन नहीं रोक सकता है। फिर भी ऐसे आदेशों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।
  • कोर्ट ने सचिव, बेसिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि वह देखें कि कानून के विपरीत बीएसए अध्यापकों के वेतन भुगतान अवैध रूप से न रोकें।

 

BSA  RTE act का पालन कराये

कोर्ट ने कहा है कि, अनिवार्य शिक्षा कानून की धारा 24 व नियम 19 का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस धारा में अध्यापकों और बीएसए के कर्तव्य निर्धारित किया गया है। कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले बीएसए तथा शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है और सचिव को दो हफ्ते में निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा प्रदेश के सभी बीएसए से हर छः माह में शिक्षकों द्वारा कर्तव्य पालन की रिपोर्ट लेकर अनुपालन कराएं। इसके साथ ही बीएसए तथा शिक्षकों के कार्य की मॉनिटरिंग करें और 15 तारीख को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है। यह आदेश जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है।

बीएसए आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं की गई।


कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है। कहा गया कि, पेनाल्टी के खिलाफ अपील का वैकल्पिक अधिकार प्राप्त है। फिलहाल वेतन रोकने का आदेश वापस ले लिया गया तो कोर्ट ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

BSA नहीं रोक सकते अध्यापकों का वेतन, हाईकोर्ट ने कहा कानून में नहीं है अधिकार
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