Basic shiksha parishad avkash talika 2021

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परिषदीय विद्यालयों की अवकाश तालिका वर्ष 2020 जारी

बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश अवकाश तालिका 2020

बेसिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका 2021 PDF

बेसिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका 2020 PDF

बेसिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका २०२० पीडीऍफ़

हलषष्ठी / ललई छठ, जीउतिया व्रत का अवकाश केवल अध्यापिकाओं / बालिकाओं के लिये देय होगा। 

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नोट:- हलषष्ठी / ललई छठ पूजन व व्रत इस बार 28 अगस्त दिन शनिवार को है।

बेसिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका 2020 21

माध्यमिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका 2020

बेसिक शिक्षा परिषद अवकाश तालिका 2021-22

परिषदीय विद्यालय अवकाश तालिका 2021

महिला अवकाश तालिका २०२०

महिला अवकाश तालिका 2020

महिला अवकाश 2020

परिषदीय विद्यालय की अवकाश तालिका 2021

basic shiksha parishad holiday list 2021

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BSA नहीं रोक सकते अध्यापकों का वेतन, हाईकोर्ट ने कहा कानून में नहीं है अधिकार

BSA Can not stop the salary of the teachers

जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है। बीएसए(BSA)आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है।

उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं कीगई। कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी किसी भी अध्यापक का वेतन नहीं रोक सकता है। फिर भी ऐसे आदेशों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।कोर्ट ने सचिव, बेसिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि वह देखें कि कानून के विपरीत बीएसए अध्यापकों के वेतन भुगतान अवैध रूप से न रोकें। BSA  RTE act का पालन करायेकोर्ट ने कहा है कि, अनिवार्य शिक्षा कानून की धारा 24 व नियम 19 का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस धारा में अध्यापकों और बीएसए के कर्तव्य निर्धारित किया गया है। कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले बीएसए तथा शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है और सचिव को दो हफ्ते में निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।BSA
कोर्ट ने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा प्रदेश के सभी बीएसए से हर छः माह में शिक्षकों द्वारा कर्तव्य पालन की रिपोर्ट लेकर अनुपालन कराएं।

इसके साथ ही बीएसए तथा शिक्षकों के कार्य की मॉनिटरिंग करें और 15 तारीख को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है। यह आदेश जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है।Bsa can't stop salary
बीएसए आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं की गई।
कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है। कहा गया कि, पेनाल्टी के खिलाफ अपील का वैकल्पिक अधिकार प्राप्त है।

फिलहाल वेतन रोकने का आदेश वापस ले लिया गया तो कोर्ट ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।
उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं कीगई। कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी किसी भी अध्यापक का वेतन नहीं रोक सकता है। फिर भी ऐसे आदेशों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।कोर्ट ने सचिव, बेसिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि वह देखें कि कानून के विपरीत बीएसए अध्यापकों के वेतन भुगतान अवैध रूप से न रोकें। BSA  RTE act का पालन करायेकोर्ट ने कहा है कि, अनिवार्य शिक्षा कानून की धारा 24 व नियम 19 का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस धारा में अध्यापकों और बीएसए के कर्तव्य निर्धारित किया गया है। कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले बीएसए तथा शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है और सचिव को दो हफ्ते में निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।BSA
कोर्ट ने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा प्रदेश के सभी बीएसए से हर छः माह में शिक्षकों द्वारा कर्तव्य पालन की रिपोर्ट लेकर अनुपालन कराएं।

इसके साथ ही बीएसए तथा शिक्षकों के कार्य की मॉनिटरिंग करें और 15 तारीख को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है। यह आदेश जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है।Bsa can't stop salary
बीएसए आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं की गई।
कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है। कहा गया कि, पेनाल्टी के खिलाफ अपील का वैकल्पिक अधिकार प्राप्त है।

फिलहाल वेतन रोकने का आदेश वापस ले लिया गया तो कोर्ट ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।

उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं कीगई। कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है।इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी किसी भी अध्यापक का वेतन नहीं रोक सकता है। फिर भी ऐसे आदेशों के खिलाफ याचिकाएं दाखिल हो रही हैं।कोर्ट ने सचिव, बेसिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा परिषद को आदेश दिया है कि वह देखें कि कानून के विपरीत बीएसए अध्यापकों के वेतन भुगतान अवैध रूप से न रोकें। BSA  RTE act का पालन करायेकोर्ट ने कहा है कि, अनिवार्य शिक्षा कानून की धारा 24 व नियम 19 का कड़ाई से पालन कराया जाए। इस धारा में अध्यापकों और बीएसए के कर्तव्य निर्धारित किया गया है। कोर्ट ने कानून का उल्लंघन करने वाले बीएसए तथा शिक्षकों की जवाबदेही तय करने का भी आदेश दिया है और सचिव को दो हफ्ते में निर्देश जारी करने का निर्देश दिया है।BSA
कोर्ट ने कहा कि सचिव बेसिक शिक्षा प्रदेश के सभी बीएसए से हर छः माह में शिक्षकों द्वारा कर्तव्य पालन की रिपोर्ट लेकर अनुपालन कराएं।

इसके साथ ही बीएसए तथा शिक्षकों के कार्य की मॉनिटरिंग करें और 15 तारीख को अनुपालन रिपोर्ट के साथ हलफनामा मांगा है। यह आदेश जस्टिस एस पी केशरवानी ने संतोष कुमार राय की याचिका पर दिया है।Bsa can't stop salary
बीएसए आजमगढ़ ने कार्य में लापरवाही करने पर याची का वेतन रोक दिया था। याची सहायक अध्यापक है। उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाही नहीं की गई।
कोर्ट ने पूछा कि, किस कानून से वेतन भुगतान रोका गया है। कहा गया कि, पेनाल्टी के खिलाफ अपील का वैकल्पिक अधिकार प्राप्त है।

फिलहाल वेतन रोकने का आदेश वापस ले लिया गया तो कोर्ट ने बच्चों के शिक्षा के अधिकार को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया है।