मतगणना करवाते समय बरतें ये सावधानी

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मतगणना का तरीका

मतगणना प्रक्रिया

1- प्रत्येक मतदान स्थल (पोलिंग स्टेशन) के सम्बन्ध में मतगणना का कार्य निम्नांकित प्रकार से किया जाएगा

क. जैसे ही मतपेटिका खोली जाए, निर्वाचन अधिकारी / सहायक निर्वाचन अधिकारी मतपेटिका के अभिज्ञान को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसमें बनाए गए चिह्नों की जाँच करेगा।

ख. उपर्युक्त रीति से मुहरों आदि की समाधानकारक जाँच कर लिए जाने पर मतदान स्थल की मतपेटिका को खोल कर उसमें से सभी मतपत्र गणना मेज पर निकाले जाएंगे।

ग. मतगणना अभिकर्ताओं को यह देख लेने का अवसर दिया जाएगा कि उन मतपेटिकाओं में से सभी मतपत्र बाहर निकाल दिये गए हैं और वे पूर्णतः खाली हो गयी हैं।

घ. इस बात की सावधानी रखी जाएगी कि मतपत्रों को मतपेटिकाओं से बाहर निकालते समय कोई मतपत्र इधर-उधर न होने पाये।

ङ गणना की मेजों पर ग्राम पंचायत वार मतदान स्थलों की मतपेटिकायें रखी जाएंगी।

यदि एक मतदान स्थल पर एक से अधिक मतपेटिकायें प्रयुक्त हुई हों,

तो ऐसी सभी मतपेटिकाओं को उससे सम्बन्धित ग्राम पंचायतों की हो रही मतगणना की मेज पर एक साथ रखा जाएगा।

गणना की मेज पर सम्बन्धित मतदान स्थल पर प्रयुक्त समस्त मतपेटिकाओं के साथ मतपत्रों का लेखा भी दिया जाएगा, जो मतदान स्थल से प्राप्त हुए हों।

मतपेटिका से प्राप्त मतपत्र लेखा भाग-1 के अनुसार मतपत्रों का मिलान करके उसे मतपत्र लेखा भाग 2 ( परिशिष्ट 3 ) भरा जाएगा।

मतगणना कक्ष / हाल में किसी मतदेय स्थल पर प्रयुक्त दोनों मतपेटियां (प्रथम ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य तथा द्वितीय जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य की) दृढ़ कक्ष से एक साथ लाई जाएंगी प्रथम मतगणना मेज पर प्रथम मतपेटी तथा द्वितीय मतगणना मेज पर द्वितीय मतपेटी खोली जाएगी।

मतपेटी खोलने पर यदि किसी मतपेटी में भिन्न प्रकार अर्थात ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य की मतपेटी में जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य

या जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य की मतपेटी में ग्राम पंचायत प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य का मतपत्र पाया जाता है तो उसको सम्बन्धित पदों के मतपत्रों की गणना कार्य करने वाली गणना पार्टी को दे दिया जाएगा।

मतगणना मेज-1 की गणना पार्टी द्वारा सम्बन्धित ग्राम पंचायत के मतदान स्थल पर प्रयुक्त ग्राम पंचायत सदस्यों और प्रधानों के मतपत्रों वाली मतपेटिका खोली जाएगी और उन्हें अलग-अलग छाँट कर इनकी पदवार 50-50 की गड्डियों में स्लिप के साथ बिना उम्मीदवार के मत की गणना किए हुये रखा जाएगा।

अन्तिम गड्डी 50 से कम मतपत्रों की हो सकती हैं, उसमें स्लिपों पर मतपत्रों की संख्या लिख दी जाएगी। सदस्य ग्राम पंचायत तथा प्रधान ग्राम पंचायत मतपत्रों को अलग-अलग बंडल में रखा जाएगा।

यदि एक मतदेय स्थल पर एक से अधिक ग्राम पंचायत सदस्य वार्ड का निर्वाचन हुआ है तो ऐसे मतदेय स्थलों की मतपेटी में प्राप्त मतपत्रों को उलटकर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वाडों के क्रमांक देखकर छँटनी कर ली जाए।

तदुपरान्त उस मतदान स्थल की यदि दूसरी मतपेटी हो तो उसे खोला जाएगा और उसी प्रकार गड्डियां बना करके सदस्यों और प्रधानों के लिए अलग-अलग बंडलों में उन गड्डियों में रखा जाएगा।

उपर्युक्त कार्यवाही पूरी होने पर पदवार मतगणना प्रारम्भ की जाएगी।

पहले ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए डाले गए मतपत्रों की गणना की जाय। इसके बाद ग्राम पंचायत के प्रधान पद के लिए डाले गए मतपत्रों की गणना की जाए। चूंकि सदस्य ग्राम पंचायत के लिए डाले गए मतपत्रों में मतदान स्थल से सम्बद्ध सभी वार्डो के मतपत्र सम्मिलित होगें,

इस लिए मतपत्रों को उलटकर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वार्डों के क्रमांक देखकर छँटनी कर ली जाए और फिर उनकी वार्डवार गड्डियाँ बनाकर उन्हें रबर बैण्ड से बांध दिया जाएगा।

  1. तत्पश्चात् प्रत्येक वार्ड की गड्डियों की उम्मीदवारवार / प्रत्याशीवार छँटाई की जाएगी तथा बारी-बारी से गणना प्रारम्भ की जाएगी। इसके पश्चात् प्रधान के पक्ष में डाले गए मतपत्रों की उपर्युक्त प्रक्रिया के अनुसार अलग-अलग गड्डियों की गणना उम्मीदवार / प्रत्याशीवार कर ली जाएगी।

मतगणना पार्टी 02 द्वारा उसी प्रकार उक्त मतदान स्थल पर क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए प्रयुक्त मतपेटी को खोला जाएगा और क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत सदस्यों के लिए मतपत्रों को उलटकर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वार्डों के क्रमांक देखकर उम्मीदवार / प्रत्याशीवार छँटनी कर पूर्व निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार 50-50 की गड्डियाँ बनाई जाएंगी।

यदि एक मतदेय स्थल पर एक से अधिक क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य वार्ड का निर्वाचन हुआ है तो ऐसे मतदेय स्थलों की मतपेटी में प्राप्त मतपत्रों को उलटकर उनके पीछे अंकित सुभेदक सील में वार्डों के क्रमांक देखकर छँटनी कर ली जाए।

अन्तिम गड्डी जो 50 से कम मतों की हो सकती है पर मतों की संख्या लिख कर रिलपें लगाई जाएंगी और उन्हें सदस्य क्षेत्र पंचायत और सदस्य जिला पंचायत के मतपत्रों के अलग-अलग बंडल में रखा जाएगा।

मतदेय स्थल पर ग्राम पंचायत वार्ड की संख्या अधिक होने से यह संभव है। कि क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य की मतपेटी की गणना प्रधान एवं ग्राम पंचायत सदस्य के मतपेटी की गणना से पहले सम्पन्न हो जाए,

अतः यह किया जा सकता है कि दोनों पार्टी द्वारा दोनों मतपेटी खोलने एवं पदवार मतपत्र अलग करने के उपरान्त सभी पहले ग्राम पंचायत सदस्य की गणना कार्य पूर्ण करें, तदुपरान्त प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य की गणना कार्य पूर्ण करें। शेष प्रक्रिया यथावत् रहेगी।

  1. गड्डियाँ बाँधते समय यह ध्यान रखा जाएगा कि क्या कोई मतपत्र निम्न आधारों में से किसी भी आधार पर रद्द करने योग्य तो नहीं है। अस्वीकृत किए जाने वाले मतपत्रों के आधार चित्र रूप में परिशिष्ट-2 में दर्शाया गया हैं।

UP Panchayat election result

जानिए कौन से मतपत्र होगें रद्द

(1) जब सामने की ओर कोई भी निशान न लगा हो

(2) निशान इसके प्रयोजनार्थ दिये गए उपकरण से भिन्न उपकरण या तरीके से लगाया गया हो, 

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(3) जब निशान खाली स्थान पर अर्थात् पृष्ठ भाग पर या पूरी तरह से उपेक्षित स्थान पर लगा हो, 

( 4 ) जब दो या अधिक प्रत्याशियों के सामने निशान लगे हों 

(5) जब उस पर कोई लेख या निशान हो जिससे मतदाता की पहचान हो सकती हो, 

(6) जब मतपत्र इतना कटा फटा हो कि इसकी पहचान न की जा सकती

(7) जब मतपत्र प्रमाणित न हो या वह नकली हो, 

(8) निशान चुनाव चिह्न को विभाजित करने वाली रेखाओं के मध्य अंकित किया गया हो।

ग्राम पंचायत चुनाव परिणाम

मतगणना सम्बन्धित महत्वपूर्ण बातें

मतपत्रों को उम्मीदवारों को दिये गए मतों के अनुसार छाँट लिया जाएगा। संदिग्ध मतपत्रों को जो निर्वाचन अधिकारी द्वारा अस्वीकृत कर दिये जाने वाले हों, एक बंडल में अलग रख दिया जाएगा।

मतदेय स्थल वार प्राप्त वैध एवं संदिग्ध मतपत्रों के बन्डल / मतपत्रों की प्रविष्टि गणना पर्ची (प्रपत्र 43 ) में की जाएगी।

प्रत्येक उम्मीदवार के वैध मतपत्रों के बंडलों को एक साथ बांध दिया जाएगा और उस पर गणना पर्ची परिशिष्ट 5 ( प्रपत्र 43 ) लगा दी जाएगी, जिसमें उन बंडलों की कुल संख्या तथा उम्मीदवार का नाम लिखा जाएगा।

संदिग्ध मतपत्रों का अलग बण्डल बनाया जाएगा। उस पर पर्ची लगायी जाएगी और उस पर्ची पर शब्द संदिग्ध मत्तपत्र तथा संदिग्ध मतपत्रों की कुल संख्या लिखी जाएगी।

मतपत्रों की गणना के बाद ग्राम पंचायत के सदस्यों व प्रधानों के मतों का विवरण क्रमशः निर्धारित प्रपत्र 44 ) (ग्राम पंचायत के सदस्य) व प्रपत्र – 45 एवं 46 ( प्रधान ग्राम पंचायत में अंकित किया जाएगा

जबकि क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत के सदस्यों के मतों का विवरण निर्धारित प्रपत्र क्रमशः प्रपत्र – 47 एवं 48 (क्षेत्र पंचायत सदस्य ) व प्रपत्र 49, 50 एवं 51 (जिला पंचायत सदस्य ) में अंकित किया जाएगा।

गणना मेज से गणना पर्ची एवं मतपत्रों के बंडल प्राप्त होने पर गणना पर्यवेक्षक अस्वीकृत किए जाने वाले मतपत्रों का बंडल और गणना पर्ची के साथ विभिन्न उम्मीदवारों के वैध मतपत्रों के बंडलों को निर्वाचन अधिकारी / सहायक निर्वाचन अधिकारी को दे देंगे।

निर्वाचन अधिकारी उसके वैध और संदिग्ध मतपत्रों की जांच करेगा व अन्तिम आदेश पारित करेगा और जहाँ कहीं आवश्यक होगा गणना पर्ची (प्रपत्र 43 ) में संशोधन करेगा, परन्तु इस सम्बन्ध में वह एक संक्षिप्त टिप्पणी भी अभिलिखित करेगा।

वैध मत कैसे पहचानें ⇒

मतपत्रों के परीक्षण के सम्बन्ध में यह बात मालूम करने के लिए कि किसको मत दिया गया है, महत्वपूर्ण बातें निम्नांकित है

क. मतपत्र में उम्मीदवार के प्रतीक के सामने चिह्न लगाया जाना चाहिए। नियमों में निर्वाचक के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वह केवल चुनाव चिह्न के ऊपर ही मुहर लगाये।

यदि चिह्न अन्यत्र लगाया गया और यह उचित रूप से स्पष्ट है कि वह एक खास उम्मीदवार को मत देना चाहता है तब उस उम्मीदवार लिए मत गणना की जाएगी।

एक निर्वाचक किसी उम्मीदवार के प्रतीक के सामने एक से अधिक चिह्न लगा सकता है। उससे न तो मतपत्र अमान्य होगा और न ही प्रश्नगत उम्मीदवार के पक्ष में दिया गया मत अवैध होगा।

ग. यदि मूल निशान वास्तव में एक उम्मीदवार के स्तम्भ में लगाया गया है परन्तु मतपत्र को किसी प्रकार मोड़ने के फलस्वरूप उसकी किसी अन्य उम्मीदवार के स्तम्भ में छाया आ जाती है तो ऐसा मत मूल निशान के उम्मीदवार के पक्ष में ही दिया गया माना जाएगा।

घ. जहाँ चिह्न इस प्रकार से लगाया गया है कि उसका एक भाग दो उम्मीदवारों के बीच विभाजित करने वाली रेखा को छूता हो या पार करता हो, तब भी निश्चित रूप से वह संदिग्ध मत का मामला नहीं होगा।

यदि चिह्न की स्थिति ऐसी है कि उससे पर्याप्त निश्चितता के साथ सूचित होता है कि मतदाता एक खास उम्मीदवार के पक्ष में अपनी इच्छा व्यक्त करने के लिए उक्त उम्मीदवार के प्रतीक के सामने चिह्न लगाना चाहता है,

तब उस उम्मीदवार के पक्ष में मत के रूप में मान लेना चाहिए चिह्न का प्रत्येक मामला जिसके बारे में विवाद हैं या जिसके बारे में गणना लिपिक को स्वयं संदेह है, निर्वाचन अधिकारी को उसके आदेश के लिए अभिदिष्ट किया जाएगा।

च. समान संख्या के निर्वाचन प्रतीकों वाले ऐसे मतपत्र जिनके पीछे वार्ड संख्या पीठासीन अधिकारी द्वारा अंकित न की गयी हो,

मतपत्रों की छँटाई के स्तर पर ही उन पर अंकित अनुक्रमांक एवं पीठासीन •अधिकारी को अमुक वार्ड के लिए जारी किए गए मतपत्रों के अनुक्रमांक तथा पीठासीन अधिकारी द्वारा बनाए गए मतपत्र लेखा में उल्लिखित अनुक्रमांक के आधार पर अभिज्ञापित करके सम्बन्धित वार्ड की गणना में ही शामिल किया जाए।

छ. सुभेदक सील एवं / अथवा वार्ड क्रमांक न होने की स्थिति में जारी किए गए एवं पीठासीन अधिकारी द्वारा तैयार किए गए मतपत्र लेखा में मतपत्र अनुक्रमांक के आधार पर गणना के दौरान मतपत्र छँटाई किए जाने के स्तर पर ही ऐसे मतपत्रों को गणना में शामिल किया जाएगा।

किन्तु जिस मतपत्र के पृष्ठ भाग पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं वह अवैध माना जाएगा और रद्द कर दिया जाएगा।

ज. प्रतिपर्ण सहित प्राप्त मतपत्र विधिवत मतदाता को जारी किया हुआ न होने के कारण निरस्त किया जाएगा।

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