FORM-16 (फार्म-16) सही है या गलत !ऐसे जाचें

ITR फाइल करते समय फॉर्म-16 में किन बातों की जांच कर लेनी चाहिए?

फॉर्म-16 में सबसे पहले देखना चाहिए कि क्या सही पैन संख्या दर्ज की गई है.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने इस साल फॉर्म-16 के फॉर्मेट में बदलाव किया है. यह फॉर्म कर्मचारी को कंपनी/विभाग देती है. वैसे तो फॉर्म-16 का प्रारूप काफी कुछ पहले जैसा है. लेकिन, इस साल आपको पिछले वर्षों के मुकाबले इसमें कहीं अधिक जानकारी देनी है.



इसके अलावा आपकी कंपनी/ विभाग को फॉर्म-16 के दोनों पार्टों यानी पार्ट ए और पार्ट बी को इनकम टैक्स विभाग की TRACES वेबसाइट से ही डाउनलोड करना है. इसका मतलब यह हुआ कि सभी कर्मचारियों को फॉर्म के दोनों हिस्सों का प्रारूप स्टैंडर्ड फॉर्मेट में मिलेगा.


TRACES का मतलब है टीडीएस रीकंसीलिएशन एनालिसिस एंड करेक्शन इनेबलिंग सिस्टम. इस वेबसाइट पर पैन होल्डर उन सभी टैक्स को देख सकते हैं जो काटकर जमा किए गए हैं.

OFFICIAL WEBSITE : https://www.tdscpc.gov.in/app/login.xhtml



इस साल 10 जुलाई तक कंपनियों/विभाग को फॉर्म-16 जारी कर देने हैं. पहले इसकी समयसीमा 15 जून थी. अगर आप उलझन में है कि आपको संशोधित फॉर्म 16 में किन आंकड़ों को देखना चाहिए तो हम यहां उसके बारे में बता रहे हैं.

फॉर्म-16 में आपको क्या चेक करना चाहिए:

पैन ( PAN)


फॉर्म-16 में सबसे पहले देखना चाहिए कि क्या सही पैन संख्या दर्ज की गई है., “अगर पैन गलत दर्ज है तो आपकी सैलरी से काटा गया टैक्स आपके फॉर्म 26एएस में नहीं दिखेगा. आईटीआर फाइल करने के दौरान आप क्रेडिट क्लेम नहीं कर पाएंगे.”

फॉर्म 26एएस आपकी टैक्स पासबुक है. इसमें वे सभी टैक्स होते हैं जो कंपनी, बैंक या अन्य कोई संस्थान (डिडक्टर) काटकर जमा करते हैं. अगर आपने कोई एडवांस टैक्स या सेल्फ एसेसमेंट टैक्स दिया है तो वे भी फॉर्म 26एएस में दिखते हैं.!

फॉर्म 16 का पार्ट A

जांच के लिए अगली चीज फॉर्म-16 का पार्ट ए है. इसमें उन सभी टैक्स की समरी होती है जो कंपनी काटती है. पार्ट ए में आपका नाम, पता, कंपनी का टैन और पैन व काटकर सरकार को जमा किए गए टैक्स का तिमाही ब्योरा होता है.



पार्ट ए से आपको यह भी पता चलता है कि आपकी मासिक सैलरी से कितना टैक्स कटा. आप अपनी सैलरी स्लिप से इस ब्योरे को क्रॉस-चेक कर सकते हैं.

चार्टर्ड अकाउंटेंट फॉर्म 16 के पार्ट ए में काटे गए टैक्स के ब्योरे को फॉर्म 26एएस के साथ मिलान करने की सलाह देते हैं.

फॉर्म 16 का पार्ट बी

फॉर्म 16 के पार्ट बी में आपको मिली इनकम का ब्योरा होता है. फॉर्म 16 में इनकम का ब्योरा विस्तार से दिया जाता है. इस साल आईटीआर1 में जिस फॉर्मेट में विवरण भरना है, वह फॉर्म 16 जैसा है. लिहाजा, करदाताओं को केवल फॉर्म-16 से विवरण को कॉपी कर आईटीआर-1 में उसी फील्ड में पेस्ट देना है.



ई-फाइलिंग वेबसाइट पर आईटीआर फाइल करने पर डिटेल्स पहले से भरी रहेंगी. हालांकि, लोगों को फॉर्म 16 के साथ पहले से भरी सूचना को क्रॉस-चेक कर लेना चाहिए.

अगर वित्त वर्ष 2018-19 में आपने कई नौकरियां बदली हैं तो फॉर्म 16 में भी पिछली कंपनी की ओर से दिए गए इनकम का ब्योरा होना चाहिए.

इस साल फॉर्म-16 में टैक्स सेविंग डिडक्शन का ब्रेक-अप दिखेगा. इस साल से फॉर्म-16 के दोनों हिस्से TRACES के पोर्टल से डाउनलोड करने हैं. लिहाजा, पार्ट ए और पार्ट बी में ट्रेसेस का लोगो और विशिष्ट आईडी दिखेगी.

पहले फॉर्म-16 के पार्ट ए को ही ट्रेसेस के पोर्टल से डाउनलोड किया जाता था. पार्ट बी थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर कंपनियां जेनरेट करती थीं.

आपको क्या करना चाहिए?
आईटीआर फाइल करने से पहले सैलरी स्लिप और फॉर्म 26एएस के साथ फॉर्म 16 में उपलब्ध जानकारी को क्रॉस-चेक कर वेरिफाई करना चाहिए. अगर इसमें कोई गड़बड़ी दिखती है तो आपको यह बात तुरंत अपनी कंपनी को बतानी चाहिए. इसके बाद उनसे संशोधित फॉर्म 16 देने के लिए कहना चाहिए.

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