उत्तर प्रदेश में बिना मास्क के किसी भी हिस्से में निकले तो क़ानूनी कारवाई होगी.


यूपी के पूरे 75 ज़िलों में लागू.. हर जगह..

मास्क घर का बना हो, रुमाल हो, चेहरा आधा ढँका होनी जरुरी..
ऐसा नहीं है कि आप ख़रीदकर ही मास्क पहनें तो मान्य होगा..कोई भी मास्क पहन सकते हैं..
देश के इन हिस्‍सों में भी सख्‍ती

देश के बाकी हिस्‍सों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर सरकार के सचिवालय में मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। यही नहीं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह जिले में भी मास्क लगाना अनिवार्य किया गया है। ओडिशा और चंडीगढ़ के किसी भी सरकारी कार्यालय में प्रवेश करते समय मास्क पहनना भी अनिवार्य है।

कुछ इलाकों में कहा गया है कि ऐसा नहीं करने वालों को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। कुछ इलाकों में सरकारी कर्मचारियों को पुन: उपयोग में आने वाले तीन मास्क भी द‍िए जाने की बातें कही गई हैं।

कोरोना ट्रैकिंग एप आरोग्‍य सेतु का कैसे इस्‍तेमाल करें?


कैसा हो मास्‍क

घर से बाहर निकलने पर मास्‍क पहनने की अनिवार्यता के साथ ही यह बताया गया है कि मास्‍क कैसा होना चाहिए।

उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि लोग बाजार से मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्‍क का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि ऐसा मास्‍क नहीं हो तो किसी भी साफ कपड़े का खुद का बनाया हुआ तीन परतों वाला फेस कवर भी काम में लाया जा सकता है।

इस फेस कवर को साबुन से धुलकर दोबारा काम में लाया जा सकता है। फेस कवर नहीं होने की स्थिति में गमछा, रूमाल या दुपट्टा आदि का इस्‍तेमाल फेस कवर के तौर पर किया जा सकता है।

दोबारा प्रयोग किया हुआ गमछा साबुन से धुला हुआ होना चाहिए।

नहीं लगाया मास्‍क तो होगी कार्रवाई

उत्‍तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एन-95 मास्‍क का इस्‍तेमाल केवल चिकित्‍साकर्मियों के लिए ही संस्‍तुत है। बिना फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्‍थानों पर जाना एपेडैमिक एक्‍ट 1897 एवं उत्‍तर प्रदेश एपेडैमिक डिजीज विनियमावली 2020 का उल्‍लंघन माना जाएगा। देश के कुछ दूसरे इलाकों में यह भी कहा गया है कि घर के बाहर मास्‍क नहीं पहनने वालों को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक अधिकारी उक्‍त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।

मास्‍क से कैसे रुकता है संक्रमण

कई अध्‍ययनों में पाया गया है कि घर में तैयार किया गया मास्क भी कोरोना से बचाव में बड़ा कारगर हो सकता है। अध्‍ययन के तहत सुझाव दिया गया है कि जिन्हें वायरस से संक्रमण का खतरा है, या जो संक्रमित हैं…

वे मास्‍क या उक्‍त रक्षात्मक उपकरणों का इस्तेमाल करें। इससे ड्रॉपलेट्स के जरिए वायरस के फैलने का खतरा कम हो जाता है। जर्नल नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक नॉन फिटेड मास्क कोरोना वायरस के ड्रॉपलेट और एरोसोल को 100 फीसद तक रोकने में सक्षम है। हालांकि मास्क पहनने वाले स्‍वस्‍थ्‍य व्‍यक्ति के लिए यह कितना कारगर है, इस पर कोई उच्च स्तरीय अध्ययन नहीं हुआ है। इससे स्‍पष्‍ट है कि संक्रमित व्‍यक्ति यदि मास्‍क नहीं पहनता है तो वह दूसरों के लिए बड़ा खतरा पैदा करता है…

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