NEET-JEE: ऐसे हैं प्रोटोकॉल के ये नियम, फॉलो न करने पर हो सकते हैं परीक्षा केंद्र से बाहर

NEET और JEE की परीक्षा सितंबर में होने वाली है, छात्र लगातार परीक्षाएं स्थगित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) परीक्षा स्थगित करना नहीं चाहती है. आइए ऐसे में जानते हैं परीक्षा का आयोजन किन नियम को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.

ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन  (JEE) परीक्षा 1 सितंबर से 6 सितंबर तक होनी है. वहीं नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जामिनेशन (NEET) परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर को किया जाना है. इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी है, लेकिन अभी भी छात्र सोशल मीडिया पर परीक्षा स्थगित करने की मांग कर रहे हैं.आइए ऐसे में जानते हैं कोरोना संकट के बीच कैसे आयोजित होंगी परीक्षाएं, किन प्रोटोकॉल का रखा जाएगा ध्यान

Exam center girl

सरकारी सूत्रों ने एक बयान जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि परीक्षा आयोजित करना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है , JEE और NEET परीक्षा को स्थगित करने की संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि परीक्षाएं सभी महामारी मानदंडों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की जाएंगी. कोरोना संकट को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा.

सफाई का रखा जाएगा ध्यान

परीक्षाओं के आयोजन से पहले और बाद में परीक्षा केंद्रों को साफ करने के लिए पूरे प्रबंध किए गए हैं, दिशानिर्देशों के अनुसार स्टाफ को नए मास्क और दस्ताने दिए जाएंगे.

छात्रों को परीक्षा केंद्र पर आने के लिए मिलेगा रिपोर्टिंग स्लॉट

कोरोना वायरस के कारण इस बात का खास ध्यान दिया जा रहा है कि छात्र एक साथ परीक्षा केंद्र पर न पहुंचे, ताकि भीड़ से बचा जा सके. इसलिए छात्रों को रिपोर्टिंग के लिए टाइम स्लॉट दिए जाएंगे.



परीक्षा केंद्र में जाने वाले हर शख्स की होगी थर्मल स्क्रीनिंग

– सभी स्टाफ सदस्यों और उम्मीदवारों की चेंकिंग थर्मल स्क्रीनिंग से की जाएगी. अगर किसी भी कर्मचारी और उम्मीदवार का तापमान सामान्य तापमान से ऊपर देखा जाता है, वह अलग कमरे में परीक्षा देगा.

–  प्रत्येक उम्मीदवार को ‘self-declaration certificate’  दिखाना होगा, जिसमें लिखा होना चाहिए उनके अंदर कोरोना वायरस का कोई भी लक्षण नहीं है. साथ ही वह किसी भी कोरोना पॉजीटिव व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं.

– यदि कोई उम्मीदवार दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश से इनकार कर दिया जाएगा.

– परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय, उम्मीदवारों को एक दूसरे से कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा.

इसी के साथ परीक्षकों की कक्षा में घूमने की प्रक्रिया को कम से कम रखा जाएगा. परीक्षा केंद्र में सेंटर की ओर से पानी उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. कैंडिडेट्स को पर्सनल वाटर बॉटल लानी होगी.

ये हैं प्रोटोकॉल की सबसे जरूरी बातें

1-  मास्क  पहनना जरूरी होगा

2- हाथों में पहनने होंगे दस्ताने

3-  पारदर्शी पानी की बोतल

4- 50 ml का हेंड सैनिटाइजर

5-  परीक्षा से संबंधित डॉक्यूमेंट्स (जैसे- एडमिट कार्ड, ID कार्ट और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स)

6- नकल रोकने के लिए मेटल डिटेक्टर से छात्रों की जांच होगी

7. किसी भी प्रकार की धातु आदि से बने प्रोडेक्ट को अपने साथ न लाएं

8- मेटल डिटेक्टर दूर से जांच करेगा, इस दौरान छात्र के सीधे संपर्क में कोई नहीं होगा

9- शौचायल जाने से पहले उन्हें अनुमति लेनी जरूरी होगी.

कैसे होगा डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन



परीक्षा हॉल में करीब 3 फुट चौड़ी टेबल उपलब्ध कराई जाएगी. परीक्षक बिना किसी को छुए उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स चेक करेंगे. सिग्नेचर के साथ मैनुअल अटेंडेंस (हाथो में दस्ताने पहनकर) ली जाएगी. इस साल अंगूठे का निशान नहीं लिया जाएगा.

 

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