उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव:ऐसे देखिये आपके गांव के प्रधान ने कितना घोटाला किया

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इस साल यानी 2020 में उत्‍तर प्रदेश में पंचायत चुनाव होने वाले हैं। एक बार फिर लोग गांव की सरकार चुनेंगे। इसको लेकर भावी उम्मीदवार सोशल मीडिया के जरिए अभी से ताल ठोक रहे हैं। इस बीच खबर ये आ रही है  कि योगी सरकार त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव कोरोना संकट की वजह से टालने जा रही है।

सूत्रों की मानें तो कोरोना के मद्देनजर प्रदेश सरकार पंचायत चुनाव फिलहाल छह महीने तक स्थगित करेगी। इस बाबत जल्द ही अंतिम निर्णय कर घोषणा की जाएगी। यानि प्रधानों को जहां 6 महीने और अपने पद बने रहने का मौका मिल गया है वहीं नए उम्मीदवारों को प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के पिछले 5 साल का लेखा-जोखा निकालने का मौका। तो आइए हम इसमें आपकी मदद करते हैं..

ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य या अन्य कोई प्रतिनिधि चुनते समय जनता के मन में उनके 5 साल का गांव में कराए गए काम भी मन में होगा पर कितने लोगों को पता होता होता है कि उनके सरपंच, जिला पंचायत सदस्‍य या ब्‍लॉक प्रमुख ने पूरे पांच साल में क्षेत्र में क्‍या-क्‍या काम कराए?

प्रधानजी के दावों और वादों की हकीकत पता करने के लिए हम आपको एक आसान उपाय बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप अपने मोबाइल फोन पर ही उनके 5 साल का कच्‍चा-चिट्ठा निकाल सकते हैं।

Table of Contents

e-Gram Swaraj App

ई स्वराज ऍप पंचायतो का लेखाजोखा रखने वाला सिंगल डिजिटल प्लेटफार्म है | इसके माध्यम से भी देश के शहरी और ग्रामीण लोग पंचायतो की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है | देश के जो इच्छुक लाभार्थी पंचायतो की सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो आपको e-Gram Swaraj App को डाउनलोड कर सकते है  और डाउनलोड करके ऍप पर लॉगिन करके इसका इस्तेमाल कर सकते है |

https://youtu.be/7UR0NixNVNM

इस ऍप को डाउनलोड करने के बाद कोई भी नागरिक इस ऍप के माध्यम से यह पता लगा  सकता है कि उसकी पंचायत में क्या काम चल रहा है और कहा तक हो गया है |

e-Gram Swaraj App डाउनलोड कैसे करे ?

जो इच्छुक लाभार्थी अपनी पंचायत से जुडी सभी जानकारी प्राप्त आसानी से प्राप्त करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे |

  • सबसे पहले आपको अपने मोबाइल फ़ोन के गूगल प्ले स्टोर पर जाना होगा | गूगल प्ले स्टोर को ओपन करने के बाद आपको सर्च बार में ई ग्राम स्वराज ऍप को सर्च करना होगा 
  • इसके बाद आपको इस ई ग्राम स्वराज ऍप को डाउनलोड करना होगा | मोबाइल ऍप डाउनलोड हो जाने के बाद आपको इसे ओपन करना होगा |
  • ऍप ओपन करने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा | इस होम पेज पर आपको यूजरनाम और पासवर्ड डालकर लॉगिन करना होगा |
  • लॉगिन करने के बाद आप इस ऍप का इस्तेमाल कर सकते है |

ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर दी जाने वाली जानकारी क्या है ?

  • आप इस पोर्टल पर भी पंचायत से जुडी जानकारी प्राप्त कर सकते है | सबसे पहले आपको ई पंचायत स्वराज पोर्टल पर जाना होगा |
  • ऑनलाइन पोर्टल पर पंचायत की गतिविधिया का नाम योजना का नाम , पंचायत प्लैनिंग , पंचायत प्रोफाइल , प्रोग्रेस रिपोर्टिंग आदि जानकारी प्राप्त कर सकते है |
  • इस पोर्टल पर आप लॉगिन भी कर सकते है | इसके लिए आपको सबसे पहले ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा | ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा |

ऐसे चेक करें कि आपके क्षेत्र में कितना हुआ काम

Plan Year या योजना वर्ष

: इसमें आप वह साल यानी वित्‍तीय वर्ष भरें। आपको वित्‍तीय वर्ष जैसे 2017-2018, 2016-2017 या 2015-2016 की जानकारी लेनी है उसे सिलेक्‍ट करें।

State या राज्‍य: Plan Year या योजना वर्ष भरने के बाद नीचे आपको दूसरा ऑप्‍शन State या राज्‍य का आएगा। अब आपको जिस राज्य के बारे में जानकारी चाहिए, उदाहरण के तौर पर जैसे उत्तर प्रदेश की जानकारी चाहिए तो उत्तर प्रदेश पर क्लिक करें.

Plan Unit या योजना इकाई : इसके बाद आपको Plan Unit या योजना इकाई का विकल्प आएगा, इसमें आपको ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला पंचायत का विकल्प दिया जाता है, जिसमें आप अपना विकल्प चुन सकते हैं, मान लिजिए आपने Gram Panchayat चुना। 

District Panchayat या जिला पंचायत: इस विकल्प में आपको अपने जिला पंचायत के बारे में जानकारी देनी होगी। जैसे हमने कुशीनगर चुना है।
Janpad Panchayat: इसमें आपको जनपद पंचायत के बारे में जानकारी देनी होगी। 

Village Panchayat या ग्राम पंचायत

इसमें आप अपने गांव का नाम चुनेंगे, जैसे यदि मथौली बाजार  का विकल्प चुनते हैं

इसके बाद आप Get Report पर Click करते हैं तो आपके सामने पूरी पंचायत की रिपोर्ट सामने आ जाएगी। इसमें आप देख सकेंगे कि गांव में किस कार्य के लिए कितना बजट पास किया गया।

इस रिपोर्ट में यह भी देख सकते हैं कि कहां-कहां काम और क्या करवाया गया है। अगर वेबसाइट में काम किया गया है और जमीनी स्तर पर काम पूरा नहीं होता है तो आप जनसुनवाई में इसकी शिकायत कर सकते हैं, तो देर किस बात की। मोबाइल उठाइए और खोल दिजिए सरपंच का सारा चिट्ठा।

  • अवकाश लेने हेतु मानव सम्पदा की नवीन मोबाइल एप m-STHAPNA आवेदन प्रक्रिया के सचित्र निर्देश देखने एवं एप डाउनलोड करने हेतु , click here👇👇

    App download link✍️ http://tiny.cc/nzi3hz

    Manual download Link ✍️

    https://bit.ly/37e4VUV

  • फॉर्म 10 E दाखिल करना एरियर के रूप में वेतन प्राप्त होने पर claim relief के लिए अनिवार्य है

    धारा 89 (1) के तहत राहत क्या है?

    वर्ष के दौरान प्राप्त आपकी कुल आय पर कर की गणना की जाती है। यदि आपकी कुल आय में चालू वर्ष में भुगतान किया गया कोई पिछला बकाया शामिल है, तो आप इस तरह के बकाए पर अधिक कर का भुगतान करने के बारे में चिंतित हो सकते हैं (आमतौर पर कर की दर वर्षों से अधिक हो गई है)।

    आय प्राप्त करने में देरी के कारण आपको कर के किसी भी अतिरिक्त बोझ से बचाने के लिए, कर कानून धारा 89 (1) के तहत राहत देता है। यदि आपको अपने वेतन का कोई हिस्सा बकाया या अग्रिम में मिला है, या आपको बकाया में पारिवारिक पेंशन मिली है, तो आपको नियम 21A के साथ पढ़े जाने वाले सेक्शन 89 (1) के तहत कुछ कर में छूट दी जाती है।सरल शब्दों में, आपको भुगतान में देरी के कारण अधिक कर का भुगतान करने से बचाया जाता है

    फॉर्म 10 ई के गैर-फाइलिंग के लिए आयकर नोटिस

    आपके मामले में राहत u / s 89 की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि आपके द्वारा ऑनलाइन फॉर्म 10E दायर नहीं किया गया है। आयकर अधिनियम की sec.89 के अनुसार ऑनलाइन फार्म 10E प्रस्तुत करना आवश्यक है

    फॉर्म 10E कैसे फाइल करें

    फॉर्म 10E ऑनलाइन दाखिल किया जा सकता है। ऑनलाइन फॉर्म १० ई फाइल करने के लिए निम्न चरण हैं –

    जन्म तिथि के साथ अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड के साथ https://incometaxindiaefiling.gov.in/ पर लॉगिन करें ।

    आपके द्वारा लॉग इन करने के बाद, ‘ई-फाइल’ नाम के टैब पर क्लिक करें और ‘तैयारी और जमा करें ऑनलाइन फॉर्म (आईटीआर के अलावा)’ का चयन करें

    नीचे स्क्रीन दिखाई देगी। ड्रॉप डाउन से फॉर्म 10 ई चुनें।

    अब असेसमेंट ईयर चुनें जिसके लिए आप फॉर्म 10 ई फाइल करना चाहते हैं।

    नीचे दी गई स्क्रीन पर निर्देश दिया जाएगा कि कैसे फार्म 10 ई फाइल किया जाए और आप नीले टैब पर क्लिक करते रहें और संबंधित जानकारी दर्ज करें।

    Download form 10E

    Click here

    Download filled 10e

    भरा हुआ 10 e {68500 भर्ती के शिक्षको के लिए”}

  • एरियर पर भी बचा सकते हैं टैक्स, जाने कैसे भरे फार्म 10E

     

    10e filled  डाउनलोड Pdf

    10e फॉर्म यहाँ डाउनलोड करें

  • इनकम टैक्स(tax) कैसे बचाएं?

    Tax rebate

    How save income tax

    जीवन बीमा खरीदकर टैक्स(tax) बचाना

    जीवन बीमा पॉलिसिस पर भुगतान करके प्रीमियम धारा 80 सी के तहत कर (tax) योग्य आय से कटौती के लिए योग्य है, जिसके परिणामस्वरूप कर(tax) की आवश्यकता होती है।
    इस धारा के तहत आने वाले कुछ अन्य कर बचत विकल्प पीसीबीएफ, एनएससी (नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट), सुकन्या समृद्धि, एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) और किड्स ट्यूशन फीस हैं। हालाँकि, अधिकतम राशि है जो इस खंड के अंतर्गत कर योग्य आय से कटौती के रूप में दावा किया जा सकता है , 1.5 लाख है।

    अपने और अपने लोगों के स्वास्थ्य का बीमा:

    होम आइसोलेशन मे रह रहे शिक्षक माने जायेंगे आन ड्यूटी
    धारा 80 डी के तहत, स्व, पति या पत्नी और आश्रित बच्चों के स्वास्थ्य का बीमा करने के लिए नकद के अलावा किसी भी मोड में भुगतान किया गया प्रीमियम आपकी कर(tax) योग्य आय से 25,000 तक की कटौती के लिए पात्र है।
    वरिष्ठ नागरिक माता-पिता की स्वास्थ्य नीतियों पर प्रीमियम का भुगतान करना आपको अपनी कर (tax) योग्य आय से ` 30,000 की अतिरिक्त कटौती के लिए पात्र बनाता है, जिससे आपको अधिक कर बचाने में मदद मिलती है। इस सीमा तक का खर्च भी शामिल है निवारक स्वास्थ्य जांच पर खर्च 5000।

    मकान का किराया

    यदि आप किराए के आवास में रहते हैं और अपने नियोक्ता से एचआरए प्राप्त करते हैं, तो आप धारा 10 (13 ए) के तहत कटौती का दावा कर सकते हैं। कुल आय पर कर की गणना करने से पहले निम्नलिखित तीन में से कम से कम कर योग्य आय से छूट के रूप में अनुमति दी जाएगी
    • नियोक्ता से प्राप्त मूल एच.आर.ए.
    • मूल वेतन का 10% से अधिक का वास्तविक किराया
    • मूल वेतन का 50% अगर आप मेट्रो शहर में रहते हैं और 40% अगर आप गैर-मेट्रो शहर में रहते हैं

    * वेतन = मूल वेतन + रोजगार की शर्तों के अनुसार महंगाई भत्ता

    परिषदीय शिक्षकों के लिए वेतन कैलकुलेटर ( Salary Calculator for UP Basic Teachers ) हालांकि, धारा 80GG के तहत, यदि आपको अपने नियोक्ता से मकान किराया भत्ता (HRA) नहीं मिलता है या आवासीय मकान का मालिक नहीं है, तो आप अपनी कर योग्य आय से घर के किराए के खर्च में कटौती कर सकते हैं। निम्नलिखित तीन में से कम से कम कर योग्य आय से कटौती की अनुमति दी जाएगी:
    • 60,000 प्रति वर्ष ( 5000 प्रति माह)
    • समायोजित कुल आय का 10% किराए का भुगतान किया।
    • वर्ष के लिए कुल आय का 25%।

    धर्मार्थ दान करके:

    कुछ राहत निधियों और धर्मार्थ संगठनों के लिए किया गया दान धारा 80 जी के तहत कटौती के लिए पात्र है। हालाँकि, खाद्य सामग्री, दवा, आदि जैसी वस्तुओं में किया गया कोई भी दान; कटौती के लिए पात्र नहीं हैं।

    उच्च शिक्षा के वित्तपोषण से:

    धारा 80 ई के तहत उच्च शिक्षा के लिए लिए गए ऋण पर दिया गया ब्याज कर योग्य आय से कटौती के लिए योग्य है। कटौती अधिकतम 8 वर्षों के लिए या जब तक ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है, जो भी पहले हो

    घर खरीदने से:

    धारा 24 के तहत, आप 2 लाख तक के ब्याज भुगतान के लिए होम लोन पर कर(tax) लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

    इसके अलावा, पहली बार घर निर्माता धारा 80 ईई के तहत होम लोन के ब्याज पर `50,000 की अतिरिक्त कटौती का दावा कर सकते हैं, बशर्ते निम्नलिखित मानदंड निम्नलिखित हैं:

    • वित्त वर्ष 2016-17 में आवास ऋण को मंजूरी दी जानी चाहिए
    • ऋण की तुलना में अधिक नहीं होना चाहिए ` 35 लाख
    • आवासीय घर का मूल्य ` 50 लाख से कम होना चाहिए
    • घर खरीदने वाले के पास अपना नाम होने पर कोई अन्य आवासीय संपत्ति दर्ज नहीं होनी चाहिए।

    वित्तीय बचत के रूप में जीव बीमा

    जीवन बीमा किसी भी व्यक्ति के वित्तीय पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह महत्वपूर्ण बीमारी, विकलांगता और मृत्यु के खिलाफ आपके और आपके परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है।

    विभिन्न प्रकार की जीवन बीमा योजनाएं जैसे एंडोमेंट प्लान, यूनिट-लिंक्ड प्लान, टर्म इंश्योरेंस, आदि कर दृष्टिकोण से हैं, इन सभी उत्पादों का भौतिकी कानून के समक्ष समान रूप से व्यवहार किया जाता है। इसलिए चुनी गई नीति के प्रकार की परवाह किए बिना, आप निम्नलिखित का आनंद ले सकते हैं:

    • धारा 80 सी के तहत, बीमा पॉलिसियों पर भुगतान किए गए प्रीमियम पर टैक्स(tax) बचाने वाले हैं। धारा 10 (10 डी) के तहत, परिपक्वता / मृत्यु लाभ कर में उल्लिखित शर्तों के अधीन कर-मुक्त हैं।
    • सेक्शन 80D के तहत टर्म इंश्योरेंस प्लान्स द्वारा दी जाने वाली गंभीर बीमारी के लाभ के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर टैक्स (tax) संबंधी लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
    प्रौद्योगिकी के आगमन के साथ, आप अपने समय और प्रयासों को बचाने के लिए विभिन्न कर-बचत वित्तीय उत्पाद ऑनलाइन खरीद सकते हैं। हालाँकि, सिर्फ टैक्स बचाने के लिए किसी भी वित्तीय या बीमा उत्पाद में सही निवेश उत्पाद में निवेश न करें। जब आप निवेश नहीं कर सकते लेकिन टैक्स बचाने के लिए कभी निवेश नहीं करते तो टैक्स देना ठीक है!
  • आयकर : सेक्शन 80DDB के तहत लगने वाला फॉर्म 10 i ( 10 आई) करें डाउनलोड

    इनकम टैक्स एक्ट 1961 के भाग VI ए, इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80 सी से 80 यू के तहत कुल इनकम (ग्राउंड टोटल इंकम) से टैक्स छूट के बारे में विस्तार से बताता है।

    इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80A के तहत मिलने वाली छूट करदाता की वार्षिक आय से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

    धारा 80DDC के तहत व्यक्ति और HUF (हिन्दू अविवाहित परिवार) को कुछ विशेष बिमारी के लिए टैक्स छूट मिलती है। इसके तहत दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ, धारा 111 ए के तहत अल्पकालीन पूंजीगत लाभ, घोड़ो की दौड़ या धमनी से हुई कमाई 115BB के आधीन धारा 115 A, 115AB, 115AC, 115AD, 115BBA से मिली इनकम को ता छूट छूट मिल सकती है।

     

    धारा 115D के भाग VI A कई तरह के निवेश या भुगतान या निर्धारित खर्चों के संबंध में टैक्स छूट देने भाग है, इसमें दी गई कुछ विशेष जानकारियाँ निम्नलिखित हैं:

    धारा 80C : यह बहुत सारे इनवेस्टमेंट जैसे जीवन बीमा, PPF या होम लोन के लिए किए गए भुगतान, स्कूल में दी गई फ़ीस आदि के संबंध में छूट देता है। धारा 80 C के तहत टैक्स छूट की अधिकतम राशि 1,50,000 रू. होगी।

    धारा 80D: यह धारा स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत किए गए प्रीमियम भुगतान के संबंध में टैक्स छूट देती है।

    टैक्स देने वाले या उसके परिवार की स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की भुगतान राशि के लिए अधिकतम 25000 रू. की टैक्स छूट और वरिष्ठ नागरिक की स्तिथि में अधिकतम 50,000 रू. के टैक्स छूट मिल सकती है।

    धारा 80 DD: किसी व्यक्ति या HUF द्वारा मेडिकल ट्रीटमेंट या विकलांग व्यक्ति के रखरखाव के लिए किए किसी भी खर्च के लिए अधिकतम 75000 रू. की टैक्स छूट देता है। हर सैक्शन में छूट के रूप में कई प्रकार के खर्चों और निवेशों को शामिल किया गया है। इसमें शर्तें हैं जिन्हें टैक्स छूट के लिए पूरा करना होता है।

    इस तरह किसी भी करदाता की नेट टैक्स्बल इंकम की गणना के लिए, इनकम टैक्स एक्ट 1961 के अध्याय VI(A) के तहत टैक्स छूट को समझना जरूरी है।

    इसे विस्तार से जानने के लिए निम्नलिखित धारा 80DDB पढें और जानें यह किस तरह लागू होगी?

     

    धारा 80DDB के अन्तर्गत टैक्स छूट धारा 80DDB में रोगों या बिमारियों के संबंध में किए गए मेडिकल ट्रीटमेंट के खर्चों के लिए टैक्स छूट का प्रावधान है।

    यदि कोई व्यक्ति या HUF ( हिन्दू अविवाहित परिवार ) विशेष बिमारी के इलाज के लिये खर्च करता है तो धारा 80DDB के तहत उसे टैक्स छूट मिलती है। इसमें मेडीकल ट्रीटमेंट में किए गए खर्चों के लिए टैक्स छूट मिलती है ना कि मेडिकल इंश्योरेंस के प्रीमियम के लिए। मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए टैक्स छूट आयकर धारा 80D के तहत आती है।

    धारा 80DDB के तहत कौन टैक्स माफ़ी क्लेम कर सकता है ?

    धारा 80DDB के तहत टैक्स छूट के लिए क्लेम केवल व्यक्ति या HUF ( हिन्दू अविवाहित परिवार ) द्वारा ही किया जा सकता हैं। इस धारा के तहत किसी कॉर्पोरेट या अन्य संस्थाओं द्वारा छूट नहीं क्लेम की जा सकती है। साथ ही इस टैक्स छूट को वही लोग क्लेम कर सकते हैं जो पिछले साल भारत देश के निवासी रहे हों। NRI (अप्रवासी भारतीयों) पर यह धारा लागू नहीं होगी।

    धारा 80DDB के तहत किसके मेडिकल ट्रीटमेंट पर टैक्स माफ़ी का प्रावधान है ? धारा 80DDB के तहत टैक्स छूट केवल खर्च करने वाले व्यक्ति को ही मिलती है। निम्नलिखित स्तिथियों में भी व्यक्ति को छूट मिल सकती है ।

    व्यक्ति विशेष: व्यक्ति विशेष के मामले में, टैक्स छूट इसके या उस पर निर्भर (Dependent) में से किसी के मेडिकल पर खर्च के लिए क्लैम किया जा सकता है। यहाँ निर्भर (Dependent) का मतलब पति या पत्नी, उसके बच्चों, उसके माता पिता, भाई/बहनों आदि से है।

     

    HUF ( हिन्दू अविवाहित परिवार ): HUF के मामले में, उसके किसी भी सदस्य मेडीकल ट्रीटमेंट के खर्च को टैक्स छूट के लिए कवर किया जाएगा।

    धारा 80DDB के तहत किस तरह के मेडिकल ट्रीटमेंट आएंगे ? धारा 80DDB कुछ विशेष मेडीकल ट्रीटमेंट पर किए गए खर्चों पर टैक्स छूट की सुविधा देती है। 11DD के तहत दी गई विशेष बीमारियां निम्नलिखित हैं।

     

    ● न्यूरोलॉजिकल बीमारी जिसकी पहचान एक विशेषज्ञ द्वारा की गई हो, जहां विकलांगता का स्तर 40% या उससे अधिक होने का प्रमाण दिया गया हो, इसमें शामिल हैं डिमेंशिया, डिस्टोनिया इस्क्यूलर डिमोनासस, कोरियाई मोटर न्यूरोन रोग, एटमिया, पार्किंसन डिजीस और हेमबैलिस्म। ● घातक कैंसर एड्स ● क्रोनिक रीनल फेलियर ● हेमोफिलिया या थैलेसीमिया जैसे हेमेटोलॉजिकल डिसऑनर

    यह बड़ी बीमारियाँ और उनकी शारीरिक पीड़ा है

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव:ऐसे देखिये आपके गांव के प्रधान ने कितना घोटाला किया
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