शिक्षक डायरी- करें मुफ्त में DOWNLOAD

एक शिक्षक के लिए डायरी लिखना उसकी रचनात्‍मकता को बल प्रदान करता है । प्रतिदिन के विद्यालयीय खटमिट्ठे अनुभव ,समुदाय के साथ बैठना,अभिभावकों से मिलना ,सह कर्मियों से योजना पर चर्चा, बच्‍चों से संवाद ,अधिकारी की अक्‍सर डांट और कभी -कभी सुझाव भी ,और न जाने क्‍या- क्‍या । ये सब जब आत्‍मकथ्‍य के रूप में कागजों पर उतरता है तो पन्‍ने महकने लगते हैं । फुरसत के क्षणों में अपनी डायरी के पन्‍ने पलटना न केवल खुशी, प्रेरणा, सबक देता है बल्कि आगे की सही राह भी दिखाता है ।

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शिक्षक डायरी के उद्देश्य

  1. योजना बनाने में
  2. दस्तावेजीकरण में
  3. समीक्षा करने में
  4. सपोर्टिंग सुपरविजन में

‘दिवास्‍वपन ‘और ‘तोत्‍तोचान’ पढना एक सुखद अनुभव से गुजरने जैसा है ।हर बार नई प्रेरणा और उत्‍साह मिलता है ।

किसी कार्य को सुचारू रूप से करने के लिए अभिलेखीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बिना अभिलेखीकरण के किसी कार्य को पूरी प्रमाणिकता के साथ करना लगभग असम्भव हो जाता है

एनसीएफ 2005 में अध्यापकों से की गईं अपेक्षाएँ बिना अध्यापक डायरी के पूरी नहीं हो सकती। बिना डायरी की सहायता के विद्यार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार शिक्षित नहीं किया जा सकता है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि अध्यापक डायरी अध्यापक की विश्वसनीय सहयोगी होती है। एनसीएफ 2005 की अपेक्षाओं को पूरा करने में अध्यापक डायरी “मील का पत्थर” साबित हो रही है।

अगर हम यह देखें कि शिक्षक डायरी आखिर अध्यापन कार्य में अध्यापक की किस प्रकार मददगार होती है तो इसे हम इस तरह समझ सकते हैं।

सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की जानकारी दिलाती है

शिक्षक डायरी में सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को अंकित करना पड़ता है। जिससे अध्यापक को सम्पूर्ण पाठ्यक्रम की जानकारी रहती है और वह पाठ्यक्रम और उपलब्ध कालांशों को ध्यान में रखकर विद्यार्थियों के अध्यापन की रूपरेखा तैयार कर लेता है। जिससे उसे कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है और विद्यार्थी को सिखाने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाकर व उसे अपनाकर वह अपने उद्देश्य में सफलता प्राप्त कर
सकता है।
              Shikshak Diary

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Teacher’s Diary

शिक्षक डायरी अध्यापकों को एक मासिक और पाक्षिक लक्ष्य प्रदान करती है

शिक्षक डायरी में हमको पूरे पाठ्यक्रम को मासों में बाँटना पड़ता है। इसलिए हमारे सामने यह लक्ष्य निर्धारित हो जाता है कि हमें अमुक माह में कितना पाठ्यक्रम पढ़ा देना है। इस मासिक पाठ्यक्रम को हमें पक्ष में बाँटना पड़ता है। जिससे हमारे सामने एक पक्ष का लक्ष्य निश्चित हो जाता है। जिससे हम आसानी से अपनी कार्य योजना को अंजाम दे हैं।

शिक्षक डायरी हमें पक्ष में पाठ्यक्रम पढ़ाने के लिए उपलब्ध कुल कालांशों का बोध कराती है

शिक्षक डायरी में अध्यापक को समस्त प्रकार के अवकाशों, शासकीय कार्यों, प्रशिक्षणों आदि का पूरा ब्योरा भरना पड़ता है, जिससे अध्यापक के सामने पक्ष में उपलब्ध कुल शिक्षण कालांशों का विवरण आ जाता है जिससे वह अपने पक्ष के पाठ्यक्रम को पढ़ाने की प्रभावी कार्ययोजना का निर्माण कर अपने शिक्षण को और अधिक प्रभावी बना सकता है।

शिक्षक डायरी

कितना पढ़ाया गया और कितना पाठ्यक्रम अवशेष रहा, की जानकारी प्रदान करती है

शिक्षक डायरी में अध्यापक को पक्ष में कितना और क्या-क्या पढ़ाया तथा कितना और क्या- क्या अवशेष रह गया की भी अंकना करनी पड़ती है। जिससे अध्यापक को पता चल जाता है कि अमुक पक्ष में मेरे लक्षित पाठ्यक्रम में से क्या अवशेष रहा और यह जानकारी होने पर वह इसे अपनी आगामी कार्ययोजना में सम्मिलित कर लेता है। जिससे दक्षता का कोई भी बिन्दु छूटने नहीं पाता तथा विद्यार्थियों को योजनानुसार शिक्षण प्रदान करने में सहायता मिल जाती है।

दक्षताओं की जानकारी प्रदान करती है

डायरी में अध्यापक को दक्षताओं को भी भरना पड़ता है जिससे उसे यह ज्ञात रहता है कि विद्यार्थियों को कौन-सी दक्षता सिखलानी है और उसे सिखाने के लिए उसे किन-किन टूल्सों को अपनाना है उनकी शिक्षक पहले से तैयारी करके कक्षा में जाता है और अपने शिक्षण को और ज्यादा प्रभावी बना सकता है। 

उपचारात्मक विद्यार्थियों को चुनने और उनके लिए कार्य योजना बनाने में मदद करती है

एक दक्षता सिखलाने के पश्चात शिक्षक विद्यार्थियों का मूल्यांकन करके देखता है और उसे पता चल जाता कि उसके अमुक विद्यार्थियों ने अभी तक दक्षता प्राप्त नहीं की है। उपचारात्मक विद्यार्थियों की पहचान करने के उपरान्त शिक्षक को उसके उपचार के लिए कार्यक्रम बनाने को बाध्य होना पड़ता है, क्योंकि डायरी में उपचारात्मक विद्यार्थियों के उपचार के लिए बनाई गई कार्य योजना को अंकित करना पड़ता है। कार्य योजना को बना लेने के बाद शिक्षक आसानी से उपचारात्मक विद्यार्थियों को उपचार दे सकता है तथा उन्हें भी मुख्य धारा में शामिल करने में उसे सफलता प्राप्त हो जाती है।

पाठ्यारिक्त रचनात्मक कार्यों का विवरण

एक अध्यापक को अपने द्वारा किए जाने वाले पाठ्यारिक्त रचनात्मक कार्यों को भी डायरी में अंकित करना पड़ता है। जिससे उसके द्वारा समाज के लिए किए जाने वाले कार्य भी रिकार्ड में में रहते हैं और शिक्षक को पता लगता रहता है कि उसने अपने मुख्य कार्य शिक्षण के अतिरिक्त समाज के लिए भी कुछ किया है कि नहीं । यह अंकना उसे समाजोपयोगी रचनात्मक कार्यों को करने के लिए प्रेरणा प्रदान करती रहती है।

गत वर्षों में मैं अधिकारियों के दबाव मे कारण बाजार में उपलब्ध डायरी को भरकर अपने कार्य की इतिश्री समझ लेता था, परन्तु जैसे-जैसे मैंने इसका अध्ययन और उपयोग करता गया वैसे-वैसे वास्तव में मैं इसका (शिक्षक डायरी का) मुरीद बनता चला गया और मैंने बाजार में उपलब्ध डायरी को अपनी आवश्यकतानुसार डिजायन करना प्रारम्भ कर दिया तथा इसके अनुसार शिक्षण कार्य आरम्भ कर दिया तथा अपने प्रत्येक कार्य की अंकना अपनी डायरी में करता चला गया

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