31277 शिक्षक भर्ती : मनचाहा जिला देने में कई जिलों में भरीं सीटें, तो कई जिलों में पद रह गए खाली

69000 शिक्षक भर्ती

31277 शिक्षक भर्ती

बेसिक शिक्षा परिषद अपने उद्देश्य से ही भटक गया

– 69000 चयनित अभ्यर्थी

जी हां ,यह कहना प्रतियोगी छात्रों का।प्रतियोगी छात्रों के अनुसार आकांक्षी जनपद में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात मात्र जुमला साबित हो रही है।

Deled online classes

31277 शिक्षक भर्ती मे चयनित अभ्यर्थियों के जिला आवंटन में आकांक्षी जनपद के पद सबसे ज्यादा रिक्त हैं।

आकांक्षी जनपदों में उच्च मेरिट वालों की नियुक्ति न करके बेसिक शिक्षा विभाग इन जनपदों की अनदेखी कर रहा है।

69000 शिक्षक भर्ती परीक्षा 2019 के खोये हुए एडमिट कार्ड, आवेदन पत्र, रजिस्ट्रेशन दुबारा Download करने हेतु आवश्यक link

 

बेसिक शिक्षा परिषद ने प्राथमिक स्कूलों के लिए 31277 पदों को चयन सूची में अभ्यर्थियों के आवंटित जिले में बदलाव नहीं किया है।

काउंसलिंग के समय ये देने होंगे डाक्यूमेंट:31227 शिक्षक भर्ती

67867 पदों की सूची में जिस अभ्यर्थी को जो जिला आवंटित हुआ था, उन्हें इस बार पद कम होने पर भी उसी जिले में भेजा गया है। 31277 शिक्षक भर्ती

31277 शिक्षक भर्ती मेंं मनचाहे जिलों का आवंटन करने में प्रदेश के तीन जिलों में सारी सीटें भर गईं, कहीं कई ऐसे भी जिले हैं जहां अधिकांश सीटें खाली रह गई हैं। असल में, 69000 पदों की शिक्षक भर्ती का जिला आवंटन एक जून को किया गया था। उस समय 67867 अभ्यर्थियों में से अधिकांश को मनचाहा जिला मिल गया था। मुख्यमंत्री ने जब 31661 पदों के सापेक्ष जिला आवंटन करके नियुक्ति देने का निर्देश दिया तो शासन व बेसिक शिक्षा महकमा कम पदों पर जिला आवंटन दुरुस्त करने की माथापच्ची में जुटा रहा।

इसीलिए शासनादेश जारी होने के 18वें दिन सूची जारी की जा सकी।

31277 शिक्षक भर्ती पर बेसिक शिक्षा परिषद का मत

परिषद का दावा है कि किसी भी अभ्यर्थी का जिला आवंटन बदला नहीं गया है। ऐसे में गाजियाबाद के दो, लखनऊ की 150वाराणसी की सभी 230 सीटें पहले ही चरण में भर गई हैं। 

सोशल मीडिया पर जिला आवंटन की एक सूची भी वायरल हुई इसमें सभी 75 जिलों का आवंटन दिया गया है। इस सूची के अनुसार आगरा, बागपत, फतेहपुर, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, जालौन, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, मेरठ, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज व शामली में 90 फीसद से अधिक सीटें भर गई हैं। 

इन जिले में आवंटन कम हुआ है

मऊ व कासगंज ,”बलरामपुर, बांदा, बहराइच, गोंडा, हरदोई, हाथरस, कन्नौज, कुशीनगर, लखीमपुर, महराजगंज, मैनपुरी, पीलीभीत, रामपुर, संभल, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर और सीता जिले में बहुत कम सीटें भरी जा सकी हैं। परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि सोशल मीडिया पर जारी सूची अधिकृत नहीं है।

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मंगलवार को इस संबंध में सूची निर्गत की जाएगी। यह जरूर है कि सबको मनचाहा जिला देने का प्रयास हुआ है।

69000 शिक्षक भर्ती :आवेदन फार्म में हुई त्रुटि को सुधारने का मौका

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती के अभ्यर्थी को आवेदन फॉर्म में की गई मामूली त्रुटि को सुधारने की अनुमति देने का निर्देश दिया है। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को यह निर्देश न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने सरिता की याचिका पर अधिवक्ता गोपाल खरे को सुनकर दिया है।

एडवोकेट गोपाल खरे ने कोर्ट को बताया कि याची ने आवेदन फॉर्म भरते समय इंटर का रोल नंबर और बीएड का प्राप्तांक भरने में गलती कर दी। इन मामूली त्रुटियों के कारण उसका अभ्यर्थन स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

अधिवक्ता का कहना था कि हाईकोर्ट ने ऐसे ही कुछ मामलों में त्रुटि सुधार का अवसर देने का निर्देश दिया है। साथ ही अर्चना चौहान के केस में सुप्रीम कोर्ट ने भी मानवीय त्रुटि को सुधारने का निर्देश दिया है। इस पर कोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को याची के त्रुटि सुधारने के आवेदन पर विचार कर निर्णय लेने का निर्देश दिया है।

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69000 Shikshak Bharti:

69000 की जगह 31,661 पदों को भरने के आदेश के खिलाफ SC में दायर याचिका, UP सरकार के फैसले पर रोक लगाने की मांग

69000 UP Shikshak Bharti:  69000 शिक्षक भर्ती मामले में UP सरकार के 31, 661 पदों को भरने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

69000 UP Shikshak Bharti:

  69000 शिक्षक भर्तीमामले को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है. दरअसल, 69000 शिक्षक भर्ती मामले में UP सरकार के 31, 661 पदों को भरने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

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  • सुप्रीम कोर्टमें BTC छात्रों की वकील रितु रेनुवाल ने याचिका दाखिल की है. याचिका में 31661 पदों की भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की गई है.
  • याचिका में कहा गया है कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है. ऐसे में जब तक SC का फैसला नहीं आता है, 31661 पदों की भर्ती के यूपी सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगाई जाए.
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 सितंबर को 31661 पदों को एक हफ्ते में भरने का निर्देश दिया था.


कोर्ट ने 37,000 पोस्ट शिक्षा मित्रों के लिए रिजर्व रखी थीं, और बाकी पदों पर भर्ती करने को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद यूपी सरकार ने 1 हफ्ते के अंदर शेष पदों पर भर्ती करने का निर्देश दिया था. 

क्या है विवाद?

 

  • उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती का मामला बीते  2 सालों से विवादों में घिरा हुआ है लेकिन अभी तक इन भर्तियों को पूरा नहीं किया जा सका है.
  • पहले यह मामला परीक्षा के कट ऑफ को लेकर कोर्ट में अटका हुआ था, जिसमें छात्रों के एक गुट का कहना था कि सरकार का परीक्षा के बाद कट ऑफ निर्धारित गलत है.

इसके बाद सरकार ने पिछली बार की तुलना में ज्यादा कट ऑफ निर्धारित कर दी थी.

 इसी बात को लेकर पूरा विवाद शुरू हुआ और मामला इलाहाबाद हाईकोर्टतक पहुंच गया. लंबे समय तक कोर्ट में यह मामला रहा और अंत में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले को सही मानते हुए भर्ती प्रक्रिया को तीन महीने के अंदर पूरा करने का आदेश भी दे दिया था.

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीएम योगी ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को 1 हफ्ते के अंदर निपटाने के आदेश दिए थे.
     लेकिन कट ऑफ मार्क्स को लेकर शिक्षामित्रों ने विरोध किया, जिसके बाद उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी

और अब एक बार फिर UP सरकार के 31, 661 पदों को भरने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. 

 

69000 शिक्षक भर्ती:एक सप्ताह के भीतर मिलेगा नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी ने बेसिक शिक्षा विभाग में 31,661 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया को एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि @UPGovt युवाओं को नौकरी सहित रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है।