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Teachers को स्कूल बुलाने के लिए अनलॉक 4 का मुख्य सचिव का शासनादेश कुछ और कहता है और हो कुछ और रहा है।

गाइडलाइन के मुताबिक 21 सितंबर के बाद 50 फीसदी शिक्षकों व कर्मचारियों को बुलाया जा सकता है। माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों को जुलाई के पहले सप्ताह से ही स्कूल बुलाया जा रहा है।

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Teachers ने पूछा है कि क्या बेसिक व माध्यमिक शिक्षा में अफसर बिना मुख्य सचिव की जानकारी के स्कूलों में शिक्षकों को बुला रहे थे? 

इसे लेकर शिक्षकों (teachers) में रोष है। उनका कहना है कि वे पूरी क्षमता के साथ काम कर रहे हैं इसलिए गाइड लाइन में इसे शामिल करने पर भ्रम हो गया है। 

संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने कहा है कि आदेश में साफ कहा गया है कि 21 सितंबर के बाद 50 फीसदी शिक्षक(teacher) एवं स्टाफ को बुलाया जा सकता है जबकि शिक्षक जुलाई से स्कूल जा रहे हैं।

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दो महीनों में कई तरह के काम कर रहे हैं। हजारों की संख्या में शिक्षकों(teachers) के संक्रमित होने और मृत्यु होने के बाद भी शिक्षकों को बेवजह स्कूल में बैठाने के लिए बुलाया जा रहा है।

पूर्व में शिक्षकों ने कोरोना संकट के दौरान महिला शिक्षकों,50 वर्ष से ऊपर की आयु के शिक्षकोंं और गृह जनपद से इतर अन्य जनपदों मे तैनात शिक्षकों को राहत देने की मांग की थी।

शिक्षकों का कहना है वे लगातार अप्रैल 2019 से ONLINE अध्यापन कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘ शिक्षकों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट काल में एक बड़ी चुनौती पढ़ाई की थी कि यह जारी कैसे रहेगी।

लेकिन हमारे देश के शिक्षकों ने इस चुनौती को अवसर में बदलते हुए न सिर्फ पढ़ाई में तकनीक का उपयोग करना सीखा बल्कि अपने छात्रों को भी इसकी शिक्षा दी। 

उत्तर प्रदेश मे मुख्यसचिव और बेसिक शिक्षा विभाग के अलग अलग आदेश से शिक्षकों मे असमंजस की स्थिति है।


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उत्तर Teachers जुलाई से जा रहे स्कूल,मुख्य सचिव का 21 सितम्बर से बुलाने के निर्देश

Teachers जुलाई से जा रहे स्कूल,मुख्य सचिव का 21 सितम्बर से बुलाने के निर्देश