बिना गलती के नौकरी जाने पर मिलेगी 9 महीने की सैलरी THE TERMINATED EMPLOYEES (WELFARE) BILL, 2020

राज्यसभा में एक ऐसा बिल पेश किया गया है जिसके PASS हो जाने पर प्राइवेट सेक्टर में काम कर रहे कर्मचारियों को एक बहुत बड़ी चिंता से मुक्ति मिल जाएगी|

प्राइवेट सेक्टर में कई बार बिना किसी गलती से भी हाथ से नौकरी चली जाती है और कई दिनों तक नई नौकरी नहीं मिलती है, ऐसे में कर्मचारी को अपने घर चलाने के लिए लोन तक लेना पड़ जाता है|

इसलिए प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के हित के लिए राज्यसभा में एक बहुत ही जबरदस्त पेश किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी की नौकरी उसके बिना किसी गलती की वजह से छूट जाए तो, उसे अगले 9 महीने की सैलरी दी जाएगी|

यह बिल जैसे ही पास हो जाएगा तो केंद्र सरकार द्वारा इसका ऑफिशियल gazette पब्लिश कर दिया जाएगा, जिसके बाद यह Act लागू हो जाएगा| चलिए जानते हैं इस एक्ट के बारे में थोड़ा विस्तार से|


THE TERMINATED EMPLOYEES (WELFARE) BILL, 2020

 


यदि इस कारण से गई है नौकरी तो, नहीं मिलेगा इसका फायदा

किन कंपनियों पर लागू होगा यह नियम?

इस स्थिति में कर्मचारियों को मिलेगा 9 महीने की सैलरी

इस एक्ट के तहत कर्मचारी को क्या-क्या लाभ मिलेगा?

 




इस बिल को नाम दिया गया है, “TERMINATED EMPLOYEES (WELFARE) BILL, 2020” जिसे 7 फरवरी 2020 को राज्यसभा में पेश किया गया था। यदि यह बिल पास हो जाता है और देश में लागू हो जाता है, तो प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए एक बहुत ही खुश खुशखबरी होगी, जिसके बाद नौकरी चली जाने पर भी वह अपने परिवार का पालन-पोषण अच्छी तरह से कर रही होगी।

यदि इस कारण से गया है नौकरी तो, नहीं मिलेगा इसका फायदा

इस बिल में बताया गया है कि यदि निम्नलिखित कारणों से कर्मचारी की नौकरी छूट गई तो, ऐसे मामले में वह कर्मचारी इस अधिनियम के तहत लाभ पाने के लायक नहीं होंगे। कि- जैसे

1.दुराचार या कदाचार

2.धोखा

3.धोखेबाज और पैसा के साथ लिप्त

4.न्यायालय करें द्वारा आपराधिक दोषी पाया गया

यदि इन कारणों से कर्मचारी की नौकरी छूट गई हो तो कर्मचारी को इस योजना के तहत लाभ नहीं दिया जाएगा |

किन कंपनियों पर लागू होगा यह नियम?

यह केवल उन निजी प्रतिष्ठानों (केंद्रीय कंपनियों) पर लागू होगा जिनके अंतर्गत 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं कोई भी सरकारी कंपनी जो केंद्र या राज्य सरकार के अधीन संचालित हो वहां पर यह नियम लागू नहीं होगा |

इस स्थिति में कर्मचारियों को 9 महीने की सैलरी

इस बिल में साफ तौर पर बताई गई है कि यह लाभ केवल उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी नौकरी समाप्त हो जाएगी, जिसमें कंपनियां निम्नलिखित कारण से बंद हो जाती हैं-

● आर्थिक संदेह /मंदी

● नई टेक्नोलॉजीज के आ। जाने पर

●अपील का मालिक दिवालिया घोषित हो जाना पर

●किसी न्यायालय के आदेश से

या फिर सरकारी नियमों में परिवर्तन से

यदि इन कारणों से कंपनी बंद हो जाती है और उसमें काम कर रहे कर्मचारियों की नौकरी छूट जाती है, तो क्योंकि इसमें कर्मचारी की कोई गलती नहीं थी, फिर भी उसकी नौकरी चली गई तो ऐसे में सभी कर्मचारियों को इस नियम के तहत लाभ दिया जाएगा।

इस एक्ट के तहत कर्मचारी को क्या-क्या लाभ मिलेगा? 

कर्मचारी को नौकरी छूट जाने की तिथि के बाद 9 महीने या जब तक नई नौकरी नहीं मिल जाती तब तक के लिए बेरोजगारी मुआवजा मिलेगा

इसके अंतर्गत नियोक्ता को कर्मचारी की सैलरी का कम से कम 60% देना होगा | यदि आपकी सैलरी 50000 थी तो आपको कम से कम 00 30000 की सैलरी प्रत्येक महीने की मिलती है |

इसके साथ ही कर्मचारी पीएफ और ग्रेच्युटी जैसे लाभ का भी पात्र होगा |

यदि नियोक्ता कर्मचारी को नौकरी जाने के 1 महीने के भीतर यह लाभ नहीं मिलता है तो उसे प्रत्येक महीने के लिए 12% के दर से ब्याज भी देना होगा |

आप हमें कम कर रहे हैं कि यह नियम कर्मचारियों के लिए कितना हितकर होगा? और यह कितनी जल्दी लागू हो जाना चाहिए?

thanks

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