पंचायत चुनाव संपन्न कराने मे निम्न सावधानी बरतें

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पंचायत निर्वाचन से सम्बन्धित निर्देश

राज्य में पंचायतों के सामान्य निर्वाचन के सम्बन्ध में चुनाव आवश्यक बातें जानना अत्यन्त आवश्यक है जो निम्नलिखित हैं :-

Panchayat Chunav New update

Hindustan News, Panchayat Chunav 2020

UP Gram Panchayat Election 2021 update

UP gram Panchayat Election update

  1. प्रत्येक मतदाता अपनी ग्राम पंचायत के वार्ड के सदस्य के साथ-साथ ग्राम पंचायत के प्रधान तथा अपने क्षेत्र पंचायत के वार्ड के सदस्य एवं जिला पंचायत के वार्ड के सदस्य को सीधे निर्वाचित करेगा। चूँकि निर्वाचन दलीय आधार पर नहीं होता है अतः किसी भी प्रत्याशी को मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के लिए आरक्षित चुनाव चिह्न नहीं दिया जाएगा।
  2. एक मतदान स्थल में मतदाताओं की संख्या 800 के लगभग रहेगी। अतः प्रत्येक ग्राम पंचायत में तदनुसार ही मतदान स्थल निर्धारित रहेंगे।
  3. एक मतदान स्थल पर किसी ग्राम पंचायत के एक से अधिक वार्डों के मतदाता सम्बद्ध हो सकते हैं; किन्तु यथा सम्भव ग्राम पंचायत का प्रत्येक वार्ड पूरी तरह एक ही मतदान स्थल से सम्बद्ध रहेगा।
  4. किसी वार्ड का एक भाग मतदान स्थल के अन्तर्गत और शेष भाग दूसरे मतदान स्थल के अन्तर्गत नहीं रहेगा, यदि अपरिहार्य परिस्थिति में वार्डों को तोड़ा जाता है तो एक ही परिवार के सदस्यों को दो मतदान स्थलों पर कदापि न तोड़ा जाए, अर्थात् एक परिवार को एक ही मतदान स्थल पर रखा जाएगा।
  5. निर्वाचन, राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा तैयार करायी गयी मतदाता सूची (निर्वाचक नामावली) के आधार पर होगा। मतदाता की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है।
  6. मतदाताओं को अलग-अलग मतपत्रों की पहचान कराने तथा मतपत्रों की गणना की सुविधा के लिए मतपत्र निम्नलिखित रंगों के रहेंगे :-

मतपत्रों का रंग

(1) सदस्य ग्राम पंचायत के लिए सफेद

(2) प्रधान ग्राम पंचायत के लिए हरा

(3) सदस्य क्षेत्र पंचायत के लिए नीला

(4) सदस्य जिला पंचायत के लिए गुलाबी

ग्राम पंचायतों के वार्डों सहित निर्वाचन क्षेत्र की संख्या अत्यधिक के कारण मतपत्रों पर प्रत्याशियों के नाम मुद्रित कराना सम्भ है। अतः इन निर्वाचन क्षेत्रों के मामले में प्रत्याशियों के नाम मत पर मुद्रित नहीं होंगे।

  1. एक व दो स्थानों/पदों का निर्वाचन होने की स्थिति में केवल एक मतपेटी दी जाएगी। किन्तु दो से अधिक पदों / स्थानों के निर्वाचन होने की स्थिति में दो मतपेटिका दी जाएंगी
  2. ग्राम पंचायत सदस्य एवं प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रतीक अलग अलग रहेंगे चुनाव चिह्न जिस क्रम में दर्शाये गये हैं, उसी क्रम में मुद्रित रहेंगे। प्रत्याशियों की सूची पर प्रत्याशियों के नाम हिन्दी वर्णमाला के अक्षर के क्रमानुसार लिखे जाएंगे। अतः प्रत्याशियों को वर्णक्रम में उनके नाम के अनुसार चुनाव चिह्न आवंटित होंगे तथा उन्हें चुनाव चिह्न के चयन करने की छूट नहीं रहेगी।
  3. मतदान स्थल पर उपयुक्त दृष्टव्य स्थान पर निर्वाचक नामावली की एक प्रति मतदाताओं के अवलोकनार्थ प्रदर्शित की जाएगी।

৪. प्रत्येक मतपत्र और उसके प्रतिपर्ण (काउन्टर फाइल) पर मतपत्र का नम्बर अंकित रहेगा। मतपत्र जारी करते समय प्रतिपर्ण पर मतदाताओं के हस्ताक्षर या अंगूठा निशान लिए जाएंगे।

  1. मतपत्र के पीछे रबर की सुभेदक सील लगाई जाएगी और उसके नीचे पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर होंगे ग्राम पंचायत सदस्य के मतपत्र के पीछे सुभेदक सील ( अध्याय – 11 के अनुसार) में ‘वार्ड क्रमांक उक्त ग्राम पंचायत सदस्य निर्वाचन से सम्बंधित मतपत्रों में भरा जाएगा। अन्य प्रविष्टियाँ सील में पूर्व से ही अंकित होंगी।
  2. मतदान स्थल के नम्बर विकास खण्डवार होंगे न कि जिलेवार, क्षेत्र पंचायतों के निर्वाचन क्षेत्रों के नम्बर ( क्रमांक) भी विकास खण्डवार रहेंगे। केवल जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों के नम्बर सिलसिलेवार जिले के लिए रहेंगे।
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मतदाता के बांये हाथ की तर्जनी पर अमिट स्याही लगाई जानी चाहिए। यदि बांये हाथ की तर्जनी उंगली न हो तो बायें हाथ की क्रमशः मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा अथवा अंगुष्ठ पर अमिट स्याही लगायी जानी चाहिए।

Panchayat chunav

यदि बायें हाथ की कोई उंगली व अंगूठा न हो तो उक्तानुसार दाहिने हाथ की तर्जनी, मध्यमा, अनामिका, कनिष्ठा अथवा अंगुष्ठ पर अमिट स्याही लगायी जाएगी। इसी प्रकार यदि दोनों हाथों में उंगलियाँ व अंगूठा न हों तो बायें पैर और बायां पैर न हो तो दाहिने पैर की उंगलियों अथवा अंगुष्ठ पर उक्तानुसार निर्धारित वरीयता क्रम में अमिट स्याही लगाई जाएगी।

यदि हाथ व पैर में उंगलियाँ व अंगुष्ठ न हों तो शरीर के किसी सहज दृष्टव्य स्थान पर अमिट स्याही लगाई जाएगी।

प्रधान ग्राम पंचायत , सदस्य ग्राम पंचायत, सदस्य क्षेत्र पंचायत तथा सदस्य जिला पंचायत का निर्वाचन एक साथ कराए जाने की स्थिति में मतदान अधिकारी(2) द्वारा मतदाता को पहले ग्राम पंचायत सदस्य तथा प्रधान पद के प्रत्याशियों से सम्बन्धित मतपत्र दिये जाएंगे। मतदाता द्वारा ग्राम पंचायत सदस्य एवं प्रधान का मतपत्र मतपेटी में डाले जाने के उपरान्त मतदान अधिकारी द्वारा मतदाता को सदस्य क्षेत्र पंचायत एवं सदस्य जिला पंचायत पद के प्रत्याशियों से सम्बन्धित मतपत्र दिये जाएंगे।

  1. चार स्थानों के लिए निर्वाचन होने की स्थिति में मतदान स्थल के अन्दर की व्यवस्था परिशिष्ट-1 के अनुसार होगी तथा दो स्थानों के निर्वाचन में मतदान स्थल के अन्दर की व्यवस्था परिशिष्ट-1 ‘क’ के अनुसार होगी।

13. मतांकन, मतदान अधिकारी द्वारा दिये गये ऐरोक्रास रबर सील से किया जाएगा जैसा कि विगत पंचायत सामान्य निर्वाचन में किया गया था ।

  1. मतदान स्थल पर प्रत्याशी या उसके निर्वाचन अभिकर्ता या मतदान अभिकर्ता उपस्थित रह सकते हैं, किन्तु मतदान स्थल के अन्दर एक समय में उनमें से केवल एक व्यक्ति ही रहेगा । कोई मतदान अभिकर्ता एक से अधिक प्रत्याशी का अभिकर्ता नहीं हो सकता है। यदि प्रत्याशी या उसके निर्वाचन /मतदान अभिकर्ता के बैठने के लिए कुर्सियाँ या बेन्चें न हों तो दरी की व्यवस्था की जा सकती है।
  2. मतदान का समय सामान्यतः प्रातः 7:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक अथवा आयोग द्वारा निर्दिष्ट समयानुसार होगा ।

मतदान सम्पन्न होने के पश्चात मतों की गणना निर्धारित दिन, समय तथा स्थान पर की जाएगी।

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मतदान सामग्री की व्यवस्था

पंचायत चुनाव में मतदान सामग्री का समय पर उपलब्ध होना बहुत आवश्यक है। मतदान सामग्री लेते समय उसकी सावधानी से जाँच पड़ताल कर यह सुनिश्चित कर लें कि वह पूरी संख्या / मात्रा में है और प्रत्येक सामग्री सही हालत में है। यदि कोई वस्तु कम हो तो उसे तुरन्त प्राप्त कर लें। यदि कोई वस्तु दोषपूर्ण हो तो उसके स्थान पर दूसरी वस्तु बदलवा लें।

मतदान सामग्री में निम्नलिखित वस्तुएं महत्वपूर्ण हैं :-

1. मतदाता सूची – एक साथ चार स्थानों/पदों पर निर्वाचन होने की स्थिति में मतदान स्थल के लिए वार्ड की मतदाता सूची की पाँच प्रतियाँ तथा एक साथ दो स्थानों/पदों के निर्वाचन होने की स्थिति में चार प्रतियाँ, जो हस्ताक्षरित एवं प्रमाणित होंगी, दी जाएंगी।

इनका मिलान सावधानी से कर लें और यह देख लें कि सभी प्रतियों में सभी प्रविष्टियाँ एक जैसी हैं तथा ग्राम पंचायत की मतदाता सूची का जो भाग दिया है, वह उन्हीं भागों से सम्बन्धित है जिनके लिए मतदान स्थल स्थापित किया गया है मतदाता सूची की यथास्थिति पाँच अथवा चार प्रतियों में से एक प्रति मतदान अधिकारी (1) के पास रहेगी, एक प्रति मतदान अधिकारी (2) के पास , एक प्रति मतदान अधिकारी (3) के पास (दो पदों/स्थानों के निर्वाचन की स्थिति में आवश्यकता नहीं होगी). एक प्रति पीठासीन अधिकारी के पास रहेगी तथा पाँचवी/चौथी प्रति मतदान स्थल के ठीक बाहर उपयुक्त दृष्टव्य स्थान पर अलग-अलग पन्नों के रूप में चिपका दी जाएगी 1.

2. सुभेदक सीलें (सुभिन्नक मुहर ) – प्रत्येक मतपत्र के पीछे सुभेदक सील लगानी होगी और उसमें रिक्तियों को भरना होगा ग्राम पंचायत सदस्यों एवं प्रधानों के मतपत्र के लिए एक प्रकार की सुभेदक सील तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के मतपत्र के लिए दूसरे प्रकार की (दोहरे बार्डर वाली) सुभेदक सील दी जाएगी।

3. स्टाम्प पैड तथा अमिट स्याही की शीशी – मतदान सामग्री लेते समय यह देख लिया जाए कि अमिट स्याही की शीशी में स्याही पर्याप्त मात्रा में है तथा स्टाम्प पैड सूखा तो नहीं है ।

4. अभ्यर्थियों की सूचियाँ – प्रत्येक पद/स्थान पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की 03 प्रमाणित सूचियां पीठासीन अधिकारी को दी जाएंगी तथा प्रत्याशियों के नाम हिन्दी में देवनागरी के वर्णक्रम के अनुसार इन सूचियों में अंकित होंगे, तदनुसार ही उनके चुनाव चिह भी दर्शाये जाएंगे।

मतदान स्थल में पहुँचने पर उनमें से एक प्रति पीठासीन अधिकारी को मतदान स्थल के बाहर सूचना पटल पर लगानी तथा दूसरी प्रति मतदान स्थल के किसी सहज दृष्टव्य  लगाई जाएगी।

5. पेपर सीलें (पत्र मुद्रा) मतदान स्थलों में गोदरेज टाइप मतपेटियाँ प्रयोग में लायी जाएंगी, उनमें मतपेटी बन्द करते समय सादा पेपर सीलें लगाई जाएंगी। अतः यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि उन्हें दी गई पेपर सीलें पर्याप्त संख्या में हैं।

6. घूमते हुए तीरों वाली रबर सीलें मतदाताओं को मत अंकित करने के लिए पीठासीन अधिकारी द्वारा घूमते हुए तीरों के चिन्ह वाली 4 रबर सीलें दी जाएंगी, सादे कागज पर इसका ठप्पा लगाकर यह देख लिया जाए कि वह सभी सीलें पूरी और साफ निशान (इम्प्रेशन) बनाती हैं।

7. प्रपत्र – मतदान सम्पन्न कराने के लिए पीठासीन अधिकारी को विभिन्न प्रपत्र/प्ररूप दिये जाएंगे, उनके विवरण का भी मिलान कर लिया जाए।

8. लिफाफे एवं शीट्स – विवरण परिशिष्ट – 4 में दिया गया है।

मतपेटियाँ – भली भाँति जाँच सुनिश्चित लें कि प्रत्येक मतपेटी चालू हालत में है तथा आसानी से खुल जाती है और बन्द हो जाती है। मतपेटी खोलने और बन्द करने का ठीक से पुनः अभ्यास कर लें।

गोदरेज टाइप मतपेटी में पेपर सील लगाने का अभ्यास भी एक सादे कागज के टुकड़े से पुनः कर लें चूँकि एक मतदान स्थल में लगभग 800 मतदाताओं द्वारा मतदान किया जाना है, अतः सदस्य ग्राम पंचायत एवं प्रधान के पद हेतु एक तथा सदस्य क्षेत्र पंचायत व सदस्य जिला पंचायत के लिए दूसरी मतपेटी (कुल दो मतपेटियाँ) दी जाएंगी। मतपेटी गोदरेज टाइप की होगी ।

10. मतपत्र – पीठासीन अधिकारी पहले चार स्थानों / पदों के निर्वाचन की

स्थिति में या उससे कम स्थानों/पदों के जैसी भी स्थिति हो, के अनुसार दिये गये मतपत्रों के बारे में यह सुनिश्चित कर लेंगे कि मतदाता की बायीं तर्जनी ( अध्याय- 2 के बिन्दु-11 के अनुसार) पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए निर्धारित प्रकार के मतपत्रों की गड्डियाँ उसे मिल गई हैं और उनमें मतपत्रों की संख्या मतदाता सूची में अंकित मतदाताओं की संख्या से कम नहीं है। यह भी देख लिया जाए कि उनके क्रमांक दिए गए विवरणों से मेल खाते हैं।

प्रत्येक प्रकार के मतपत्रों की गड्डी के हर मतपत्र तथा उसके प्रतिपर्ण पर मुद्रित क्रमांक का मिलान करके देख लें कि वह एक ही है। इसी प्रकार यह भी देख लिया जाए कि प्रत्येक मतपत्र में चुनाव चिह्न ठीक प्रकार से मुद्रित हैं। क्रमांक ठीक से मेल न खाने या किसी मतपत्र से चुनाव चिह ठीक से मुद्रित न हो दशा में ऐसे मतपत्र के ऊपर क्रास (X) लाइनें खींच कर उसे कर दिया जाए और उस पर पीठासीन अधिकारी द्वारा हस्ताक्षर दिया जाए।

अति_महत्वपूर्ण.

चुनाव में सभी पोलिंग पार्टी बने भाई ध्यान देंगे जो RO को सामग्री देनी है वो है :-

1-मतपेटी कवर सहित
2-मतपत्र लेखा 2 प्रतियों मे BDC व DDC का अलग अलग
3-पत्र मुद्रा लेखा(PAPER SEAL ACCOUNT)
4-पीठासीन की घोषणा
5-पीठासीन की डायरी जिसमें अंत में ये जरूर लिखा हो की चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

सील बंद लिफाफे जो सांवदिक लिफाफे कहलाते हैं

• निर्वाचक नामावली की चिन्हित प्रति (P1की)
• मतपत्र के पर्ण भाग(रजिस्टर 17A)
• बचे हुए मतपत्र जो प्रयुक्त नहीं हुए
• प्रयुक्त निविदत मतपत्र और सूची
• रद्द मतपत्र यदि हों तो

छोटे पैकेटों को सील कर एक बड़े लिफाफे में रखना है और फिर बड़े लिफाफे को भी सील करना है।

असंवादिक लिफाफे जिन्हें सील करने की कोई आवश्यकता नहीं है तथा जो एक लिफाफे में डालकर सुतली से बांधकर देने हैं।

  1. निर्वाचक नामावली की अचिन्हित प्रतियाँ
  2. Polling Agents का नियुक्ति पत्र
  3. Election Duty Certificate (E.D.C.)
  4. Challenged Votes की सूची
  5. अन्धे-शिथिलांग मतों की सूची
  6. आयु संबंधी घोषणा
  7. Challenged Votes की प्राप्ति रसीद
  8. अप्रयुक्त एवं क्षतिग्रस्त Paper Seal
    9.अन्य सामग्री जो बची हो वो भी इसी में रख देनी है।

महत्वपूर्ण सूचना इसे भी ध्यान रखें :-

1-ब्रास सील और अन्य सील अलग से जेब में निकाल कर रख लें ये अलग से मांगी जाती हैं।इन्हें किसी लिफाफे या थैले में न रखें।
2-सभी जमा की गई सामग्री की रिसीविंग अवश्य प्राप्त करते जाएँ।
3-अंत में पीठासीन अधिकारी अपने सेक्टर मेजिस्ट्रेट से रिलीविंग जरूर प्राप्त कर लें।

एक दिन पूर्व समस्त चुनावी सामग्री प्राप्त करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें :-

1-सामग्री का मिलान परिशिष्ट 4 से कर लें
2-मतपत्र पूरे हों जितने मतदाता हों लिस्ट में उतने ही मतपत्र हों
3-BDC व DDC के मतपत्र अलग अलग गिनें और सभी प्रत्यासियों के चुनाव चिह्न हैं की नहीं इसकी जांच अवश्य कर लें

शाम को बूथ पर जाकर ये कार्य भी निबटा लें जो महत्वपूर्ण हैं :-

1 बूथ का बारीकी से निरीक्षण कर लें हालाँकि ये कार्य आपके पटवारी द्वारा कर लिया गया होगा।
2 मतपत्रों के पीछे सुभिन्नक सील और पीठासीन के sign कर लें।
3 महिला पुरुष के टैग लगा दें।आने जाने के रस्ते के टैग लगा दें।प्रत्याशियों के चिह्न और सूची चिपका दें।
मतदाता सूची यदि संभव हो चिपका दें।
4 मत डालने के लिए आवशयक पहचान दस्तावेज की 17 क्रमांकिय सूची चिपका दें।

मतदान प्रातः 7 से सांय 6 बजे तक कराना है अतः 6:30 पर ये काम भी निबटा लें:-

1-एजेंट बनाने का कार्य कर लें
2-मतपेटी खोल कर एजेंट को दिखा दें।
3-मतपेटी में अंदर टैग डाल दें जिस पर
विकासखंड का नाम
मतदान स्थल क्रमांक
ग्राम पंचायत का नाम
मतपेटी क्रमांक जैसे 2 पेटी हैं तो 1/2,2/2 यदि 3 है तो1/3,2/3,3/3 क्रमांक डालें।
4-ये ही टैग मतपेटी सील करते समय सबसे ऊपर भी लगानी है।
5-पेटी को पेपर सील से सील करना है जिस पर पार्टी और एजेंट के sign कराएं।
6-इसी समय स्याही के लिए किसी कटोरी या किसी चौड़े मुह के पात्र में मिटटी डालकर स्याही की शीशी को गाढ़ लें जिससे स्याही छलके नहीं।

7 बजे मतदान शुरू करना है अतः-

1-पीठासीन हर 2 घंटे पर कुल पड़े मत नोट करते जाएँ।डायरी पूरी करते चलें।
2-P1 पर्ची से नाम पुकारे तस्दीक के बाद चिन्हित प्रति में मतदाता के नाम के निचे अंडर लाइन करे और यदि महिला मतदाता हो तो सही का चिह्न भी लाल पेन से लगाये।
3-इसके बाद बांये हाथ की तर्जनी पर स्याही लगाये।
4-P2 मतदाता के BDC और DDC मतपत्र के प्रतिपर्ण पर हस्ताक्षर या अंगूठा लगवाए तथा वोटर क्रमांक भी डाले।
5-P3 यहाँ ध्यान दे की मतपत्र लेकर मतदाता बूथ में जाए और क्रॉस सील लगाकर पेटी में ही डाले।
6-ध्यान दें टेंडर वोट मतपत्र के सबसे अंतिम क्रमांक वाला होगा।
7-समय पूरा होने पर लाइन में लगे अंतिम मतदाता को पर्ची पीठासीन दे दें और घोषणा कर दें।
मतदान के पूर्ण होने पर सभी एजेंट को बुलाकर लेखा दे दें तथा पेटी सील कर थैले में बन्द कर टैग बाँध दें जो आपने प्रातः पेटी में डाली थी।


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  1. Pingback: कोरोना को देखते हुए पँचायत चुनाव में मतदान कर्मियों द्वारा की जाने वाली आवश्यक सावधानियाँ News -

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